दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे कई मंदिर हैं जो अपनी वास्तुकला और मान्यताओं की वजह से जाने जाते हैं. ऐसा ही एक मंदिर आंध्र प्रदेश के पेनुगोंडा में है. इस मंदिर का नाम श्री वासवी कन्याका परमेश्वरी देवी मंदिर है, जो वैश्य समुदाय के लिए एक पवित्र स्थान है. चलिए विस्तार से जानते हैं इस अद्भुत मंदिर के बारें में.
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धर्म ज्ञान07 Nov, 202501:05 PM'वैश्यों की काशी' नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में विराजती हैं देवी पार्वती! जानें पौराणिक कथा
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धर्म ज्ञान07 Nov, 202512:03 PMकलियुग का वैकुंठ वास है द्वारका तिरुमला मंदिर, कड़ी तपस्या के बाद स्वयं प्रकट हुए थे भगवान वेंकटेश्वर!
आंध्र प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जहां कई पौराणिक मंदिर हैं. भगवान विष्णु से लेकर भगवान शिव के अलग-अलग अवतारों की पूजा भी यहां की जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं इसी राज्य में बसा एक ऐसा प्राचीन मंदिर भी है जो अपनी वास्तुकला और एरिया को लेकर जाना जाता है. मंदिर में मौजूद भगवान वेंकटेश्वर की अद्भुत मूर्ति भी है जिसे लेकर मान्यता है कि ये घोर तपस्या के बाद स्वयं प्रकट हुई थी.
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धर्म ज्ञान07 Nov, 202510:51 AMकौन से हैं जगन्नाथ पुरी मंदिर के वो चार दरवाजे, जिनमें छिपा है कलयुग का गहरा रहस्य!
ओडिशा का जगन्नाथ पुरी मंदिर हिंदुओं के चारों धामों में से एक है. ये मंदिर देखने में जितना अद्भुत है उतना ही रहस्यमयी भी है. मंदिर में रोजाना ऐसे चमत्कार होते हैं जो शायद ही आपको कहीं और देखने को मिल सकते हैं. लेकिन आज इस आर्टिकल में आपको मंदिर के 4 रहस्यमयी दरवाजों के बारे में बताया गया है जो चारों युगों को दर्शाते हैं.
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धर्म ज्ञान06 Nov, 202504:08 PMउत्तराखंड के इस गांव में माता पार्वती ने दिया भगवान शिव को विवाह का प्रस्ताव, इस मंदिर के बिना अधूरे हैं केदारनाथ के दर्शन! जानें पौराणिक कथा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग की पवित्र घाटी में बसा गुप्तकाशी वो रहस्यमयी धाम है जहां भक्ति और लोगों की अटूट आस्था एक साथ सांस लेती हैं. माना जाता है कि महाभारत के बाद भगवान शिव पांडवों से रुष्ट होकर यहीं गुप्त रूप में छिप गए थे, तभी से यह स्थान “गुप्तकाशी” कहलाया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहीं मां पार्वती ने शिव को विवाह का प्रस्ताव दिया था, साथ ही उनका दिव्य प्रेम भी यहीं से आरंभ हुआ. इस मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा जानें…
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धर्म ज्ञान06 Nov, 202512:07 PMजगन्नाथ पुरी मंदिर की रहस्यमयी रसोई, जहां रोजाना बनता है लाखों लोगों के लिए महाप्रसाद, ग्रहण करने का भी है अनोखा नियम!
जगन्नाथ मंदिर देखने में जितना अद्भुत प्रतीत होता है उतना ही रहस्यमयी भी है. भगवान जगन्नाथ की अधूरी मूर्तियां, नील चक्र, झंडे का हवा के विपरीत दिशा में लहराना, ये सब कुछ इस मंदिर को दूसरे मंदिरों से अलग बनाता है. ऐसा ही रहस्य मंदिर की रसोई से भी जुड़ा है. जिसे जानकर आप भी हैरान हो जायेंगे.
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धर्म ज्ञान06 Nov, 202510:54 AMउच्छिष्ट गणपति मंदिर: तमिलनाडु के इस मंदिर में अघोरी रूप में विराजमान हैं भगवान गणेश, संतान संबंधी परेशानियां होती हैं दूर!
हर शुभ कार्य में सबसे पहले पूजने वाले देवता भगवान गणेश सनातन में बहुत महत्व रखते हैं. भक्त इन्हें विनायक, गजानन, एकदंत, लंबोदर, सिद्धिविनायक और विघ्नहर्ता जैसे नामों से बुलाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बप्पा को एक और नाम यानी उच्छिष्ट गणपति के नाम से भी जाना जाता है और वो नाम है उच्छिष्ट गणपति. उच्छिष्ट गणपति का ये मंदिर तमिलनाडु में स्थित है जहां भक्तों को भगवान गणेश का अघोरी रूप देखने को मिलता है.
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न्यूज05 Nov, 202511:22 AMगुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर देशभर में भक्ति और उत्साह, पंजाब CM मान ने हरमंदिर साहिब में टेका माथा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दर्शन करने के बाद मीडिया से बातचीत की और बताया, "सबसे पहले मैं गुरु नानक देव जी के गुरु पर्व पर बधाई देता हूं. मैं उनकी, दुनिया भर में पूजी जाने वाली नानक लेवा संगत को और उनकी पवित्र शिक्षाओं को नमन करता हूँ. कुछ संगत ननकाना साहिब भी गई हैं, मैं प्रार्थना करता हूँ कि जहाँ कहीं भी गुरु नानक देव हैं, वहां दुनिया शांति और सद्भाव से रहे."
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धर्म ज्ञान05 Nov, 202509:35 AMआखिर क्यों आज भी जगन्नाथ मंदिर में होती है अधूरी मूर्तियों की पूजा? जानिए पौराणिक कथा
ओड़िशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है. माना जाता है कि आज भी यहां भगवान श्रीकृष्ण का दिल धड़क रहा है. इसलिए रोजाना यहां हजारों लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भक्त यहां आकर जिन तीन मूर्तियों की पूजा करते हैं वो आज भी अधूरी हैं. इसके पीछे का रहस्य पौराणिक कथा से समझिए…
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धर्म ज्ञान04 Nov, 202509:27 AMआखिर क्यों जगन्नाथ मंदिर का झंडा हवा के विपरीत दिशा में लहराता है? रहस्य जानकर हैरान रह जायेंगे आप!
ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर बहुत ही रहस्यमयी और अद्भुत है. यह मंदिर भगवान कृष्ण के ही रूप भगवान जगन्नाथ को समर्पित है. माना जाता है कि इस मंदिर में आज भी कई ऐसे रहस्य घटित होते हैं जिन्हें विज्ञान भी सुलझा नहीं पाया है. जैसे कि हवा के विपरीत दिशा में लहराता मंदिर का ध्वज, मंदिर के अंदर सुनाई देती हुई समुद्र की लहरें और तेज धूप में भी मंदिर की परछाई का न दिखना. इन चमत्कारों को देख यहां आने वालें भक्त भी हैरान हो जाते हैं.
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न्यूज03 Nov, 202506:28 PM'जब 470 सांसद अपने होंगे तब देश 'हिंदू राष्ट्र' बनेगा...', जगतगुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान, कहा- जगन्नाथ धाम मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने देश को हिंदू राष्ट्र बनाने पर कहा कि 'जब संसद में अपने 470 सांसद होंगे, तब देश हिंदू राष्ट्र बनेगा.' फतेहपुर में रामगंज पक्का तालाब में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ धाम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि 'इस मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा.'
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धर्म ज्ञान03 Nov, 202512:47 PMइस मंदिर में देवताओं का होता है आमना-सामना, स्कंदाश्रमम की पूजा से मिलता है संतान का सुख!
तमिलनाडु के सलेम जिले के उदयपट्टी गांव में पहाड़ियों के बीच बसा स्कंदाश्रमम मंदिर भगवान मुरुगन यानी स्कंद को समर्पित है. 1971 में बने इस मंदिर से कई भक्तों की आस्था जुड़ी है. मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन-पूजन से संतान संबंधी परेशानियां दूर होती हैं. ऐसे में आप भी इस मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जान लीजिए.
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धर्म ज्ञान03 Nov, 202510:30 AMसिर्फ एक दिन की चूक और पूरे 18 सालों के लिए बंद हो सकता है जगन्नाथ पुरी मंदिर!
ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ पुरी मंदिर अपनी भव्यता और रहस्यमयी परंपराओं के लिए पूरे विश्व में विख्यात है. मंदिर की कहानियां आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदिर में की गई सिर्फ एक भूल इसे पूरे 18 सालों के लिए बंद करवा सकती है. पूरी खबर पढ़ें…
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धर्म ज्ञान02 Nov, 202505:45 PMवासुदेव पेरुमल मंदिर: सदियों पुराने इस मंदिर में स्वयं प्रकट हुई थी भगवान विष्णु की मूर्ति, जानें मंदिर का इतिहास
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के मंदासा गांव में स्थित वासुदेव पेरुमल मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित प्राचीन मंदिर है. यह मंदिर भगवान विष्णु की मूर्ति के कारण आज भी लोगों के लिए रहस्य बना हुआ है. पौराणिक कथाओं के अनुसार यहाँ भगवान विष्णु की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई थी. लेकिन पूरी सच्चाई क्या है? जानने के लिए आगे पढ़िए…