इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन के बीच बड़ी कार्रवाई, DGCA ने चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को किया निलंबित
देश की विमानन व्यवस्था में उथल-पुथल के बीच DGCA ने बड़ा कदम उठाते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया. यह कार्रवाई इंडिगो की बढ़ती उड़ान रद्दियों के बीच हुई है.
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देश की विमानन व्यवस्था इन दिनों भारी उथल-पुथल से गुजर रही है. इसी बीच शुक्रवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. ये वो अधिकारी हैं जो एयरलाइनों की सुरक्षा मानकों, पायलट प्रशिक्षण और परिचालन अनुपालन की निगरानी जैसे अहम काम देखते हैं. DGCA की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि बढ़ती उड़ान अव्यवस्था को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.
किस कारण DGCA ने की कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक इंडिगो (IndiGo) के CEO पीटर एल्बर्स को आज DGCA के सामने पेश होना पड़ सकता है. यह वही इंडिगो है जिसकी उड़ान रद्द होने की समस्या पिछले कई दिनों से यात्रियों की यात्रा योजनाओं में भारी बाधा डाल रही है. पिछले शुक्रवार को तो स्थिति इतनी बिगड़ी कि देश भर में इंडिगो ने 1,600 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं. यह किसी एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा परिचालन व्यवधान माना जा रहा है. जानकारी देते चले कि संकट की जड़ Flight Duty Time Limitations फेज-2 को सही तरीके से लागू न कर पाना बताया जा रहा है. इसके साथ ही एयरलाइन के क्रू रोस्टर और स्टाफ मैनेजमेंट को लेकर गंभीर कुप्रबंधन सामने आया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी इंडिगो की योजना व प्रबंधन को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया है. जैसे-जैसे उड़ानें रद्द हुईं, एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई और सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई.
DGCA ने रिफंड की समय सीमा की तय
इसके साथ ही DGCA ने एयरलाइन को समय पर रिफंड देने के लिए सख्त समयसीमा तय की. दूसरी एयरलाइनों को टिकट कीमतें नियंत्रण में रखने का आदेश दिया गया ताकि इंडिगो की समस्या का वजन यात्रियों की जेब पर न पड़े. इसके साथ ही इंडिगो को रोज़ाना अपनी उड़ानों में 10% कटौती करने का निर्देश दिया गया. नई व्यवस्था के तहत अब इंडिगो लगभग 1,950 उड़ानें संचालित करेगा, जिनमें करीब 3 लाख यात्री सफर कर सकेंगे. आम तौर पर सर्दियों में एयरलाइन 2,300 के करीब उड़ानें प्रतिदिन चलाती है. बता दें स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को DGCA अधिकारियों को सीधे इंडिगो मुख्यालय भेजा गया ताकि वे हालात की लाइव मॉनिटरिंग कर सकें. उसी दिन दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े हवाईअड्डों पर 200 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद में बताया कि 1 दिसंबर को हुई बैठक में इंडिगो ने किसी समस्या का जिक्र तक नहीं किया था. ऐसे में अचानक पैदा हुआ यह संकट एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
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बतताए चलें कि अभी पूरे मामले पर सभी की नजर DGCA की आगे की कार्रवाई और इंडिगो के औपचारिक जवाब पर टिकी है. विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट आने वाले दिनों में भारत की विमानन नीतियों और निगरानी तंत्र में बड़े बदलाव की वजह बन सकता है.
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