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ईडी की रडार पर साउथ सुपरस्टार महेश बाबू, मनी लॉन्ड्रिंग केस में समन जारी

साउथ सुपरस्टार महेश बाबू की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. रियल एस्टेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें समन भेजा है. उन्हें 27 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है.

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22 Apr 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:41 AM )
ईडी की रडार पर साउथ सुपरस्टार महेश बाबू, मनी लॉन्ड्रिंग केस में समन जारी
अभिनेता महेश बाबू को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में मंगलवार को समन भेजा. ईडी ने अभिनेता को 27 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा है.

जानकारी के अनुसार, महेश बाबू रियल एस्टेट कंपनी सुराना ग्रुप और साई सूर्या डेवलपर्स के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं, जो हैदराबाद की कंपनियां हैं. हाल ही में ईडी ने इन कंपनियों के कई ठिकानों पर छापा मारा है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज मिले, जिन्हें एजेंसी ने जब्त कर लिया है.

प्रमोशन के लिए मिले 11 करोड़ रुपये

ईडी का कहना है कि कंपनी के प्रमोशन के लिए महेश बाबू ने 11 करोड़ से ज्यादा रुपये लिए हैं. एजेंसी ने अभिनेता को 27 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है.जानकारी के अनुसार, सुराना ग्रुप ने अभिनेता को 5.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया, वहीं उन्हें विज्ञापन के लिए साई सूर्या डेवलपर्स से 5.9 करोड़ रुपये मिले थे.

ईडी की हालिया कार्रवाई के बाद समन

महेश बाबू को ईडी का नोटिस हैदराबाद में रियल्टी फर्मों के परिसरों की तलाशी लेने के एक सप्ताह से भी कम समय बाद मिला है. एजेंसी ने कहा कि साई सूर्या डेवलपर्स समेत अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में तलाशी के दौरान 100 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन का पता चला और 74.5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए.

एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत 17 अप्रैल को हैदराबाद और सिकंदराबाद में चार परिसरों में तलाशी ली थी. ईडी ने कहा कि तेलंगाना पुलिस द्वारा भाग्यनगर प्रॉपर्टीज लिमिटेड के निदेशक नरेंद्र सुराना, साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक के. सतीश चंद्र गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें प्रॉपर्टी की बिक्री के लिए अग्रिम राशि के नाम पर निवेशकों से धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था.

ईडी की जांच से पता चला कि आरोपियों ने अनाधिकृत भूमि लेआउट, एक ही भूखंड को अलग-अलग ग्राहकों को बेचने, उचित समझौतों के बिना भुगतान स्वीकार करने और भूखंड पंजीकरण के झूठे आश्वासन देने से जुड़ी धोखाधड़ी की योजना बनाई.

एजेंसी ने कहा, "उनके कार्यों से कई निवेशकों को वित्तीय नुकसान हुआ. कंपनी ने आम जनता को धोखा देकर आय अर्जित की. ईडी की तलाशी के परिणाम स्वरूप विभिन्न निवेशकों से धोखाधड़ी के माध्यम से जमा की गई राशि और लगभग 100 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन के विवरण के साक्ष्य वाले आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए. ईडी ने बताया कि नरेंद्र सुराना और सुराना ग्रुप ऑफ कंपनीज के कैंपस से 74.5 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई. आगे की जांच जारी है."

Input : IANS

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