प्रकाश राज के PM Modi वाले विवादित कार्टून पर रूपाली गांगुली का करारा जवाब, कहा- 'कितना गिरोगे प्रकाश जी'
अनुपमा फेम रुपाली गांगुली ने पीएम मोदी पर कार्टून शेयर करने पर प्रकाश राज को करारा जवाब दिया. सोशल मीडिया पर दोनों सितारों की ये बहस वायरल हो रही है. जानें क्या कहा रुपाली ने और क्यों मचा है बवाल.
24 May 2025
(
Updated:
10 Dec 2025
11:05 PM
)
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टीवी इंडस्ट्री की दमदार अदाकारा रूपाली गांगुली इन दिनों केवल अपने शो 'अनुपमा' को लेकर ही नहीं, बल्कि अपने सामाजिक और राजनीतिक नजरिए को लेकर भी चर्चाओं में हैं. हाल ही में उन्होंने साउथ सुपरस्टार प्रकाश राज पर तीखा हमला बोला है. विवाद की जड़ है एक कार्टून, जिसे प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया.
मामला क्या है?
हाल ही में प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक कार्टून साझा किया. इस कार्टून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को व्यंग्यात्मक अंदाज में दिखाया गया है. उन्होंने एक तस्वीर साझा की, जिसमें ब्लड डोनेशन की जगह 'सिंदूर डोनेशन कैंप' चल रहा है और कैप्शन में लिखा – “कुछ नहीं, बस नसों में चुनाव दौड़ रहा है… #JustAsking”.
रूपाली गांगुली ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
प्रकाश राज का यह पोस्ट जहां कुछ लोगों को व्यंग्यपूर्ण लगा, वहीं रूपाली गांगुली को यह नापसंद आया. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर तंज कसते हुए लिखा, “सच में बहुत ही नीच स्तर, प्रकाश जी. 2019 के लोकसभा चुनाव में आपको जितना वोट प्रतिशत मिला था, ये ट्वीट उससे भी ज्यादा नीचे गिरा हुआ है.” इस पोस्ट के साथ ही सोशल मीडिया पर बहस की लहर दौड़ गई. जहां कई यूज़र्स ने रूपाली के इस साहसिक स्टैंड की तारीफ की, वहीं कुछ ने इसे गैर-ज़रूरी राजनीति करार दिया. लेकिन एक बात तय है – रूपाली गांगुली अब केवल टीवी स्क्रीन की 'अनुपमा' नहीं रहीं, बल्कि वे उन सेलेब्रिटी वॉइस में शुमार हो चुकी हैं जो देश के मुद्दों पर खुलकर बोलती हैं.
Such a low level Prakash Ji!
— Rupali Ganguly (@TheRupali) May 23, 2025
Even lower than the Voting Percentage you got in the 2019 elections. https://t.co/dFLDVcEmTd
ऑपरेशन सिंदूर क्या है और क्यों है चर्चा में?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय वायुसेना का एक बड़ा अभियान रहा है, जो हालिया पाकिस्तान तनाव और एयरस्पेस वॉरफेयर से जुड़ा है. इस ऑपरेशन के जरिए भारत ने एक सशक्त रणनीतिक संदेश दिया, जिससे देश के भीतर राष्ट्रीयता की भावना और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई. यही वजह है कि जब किसी सार्वजनिक चेहरे द्वारा इस पर कटाक्ष किया जाता है, तो वह सामान्य पोस्ट न होकर, एक राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम माना जाता है.
वैसे आपको बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री मोदी या भारतीय राजनीतिक माहौल पर कटाक्ष किया हो. वे पहले भी CAA, NRC और नोटबंदी जैसे विषयों पर विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं. हालांकि वे खुद को 'सेक्युलर और स्वतंत्र विचारक' बताते हैं, लेकिन उनके पोस्ट अक्सर उन्हें ट्रोलिंग और विरोध का शिकार बना देते हैं.
खैर, इस पूरे घटनाक्रम ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा कहां खत्म होती है और राष्ट्र की गरिमा की रक्षा कहां से शुरू होती है. प्रकाश राज का कार्टून एक तरह से व्यंग्य था, लेकिन क्या यह हास्य की आड़ में देश के गौरव को नीचा दिखाने की कोशिश थी? और क्या सेलेब्रिटीज़ को अपने विचार व्यक्त करते समय अधिक सतर्क और ज़िम्मेदार नहीं होना चाहिए? इस बहस के जवाब समय के साथ सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया पर यह टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है.
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