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'पाकिस्तान मेरे लिए एक्स-लवर जैसा है', अदनान सामी का तीखा बयान फिर बना चर्चा का विषय

बॉलीवुड सिंगर अदनान सामी ने पाकिस्तान को 'पुराना आशिक' बताते हुए नागरिकता विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी. जानिए क्यों उन्होंने भारत को चुना, और क्या था उनके बयान का असली मतलब.

'पाकिस्तान मेरे लिए एक्स-लवर जैसा है', अदनान सामी का तीखा बयान फिर बना चर्चा का विषय
सिंगर और म्यूज़िक कंपोज़र अदनान सामी एक बार फिर सुर्खियों में हैं.इस बार वजह है उनका पाकिस्तान को लेकर दिया गया बयान, जिसमें उन्होंने अपने पूर्व देश की तुलना “एक्स-लवर” यानी पुराने आशिक से कर दी.
 
एक इंटरव्यू में जब अदनान सामी से पूछा गया कि उनके म्यूजिक से ज्यादा उनकी नागरिकता को लेकर बहस क्यों होती है, तो उन्होंने बेहद दिलचस्प अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा:
"पाकिस्तान मेरे लिए एक पुराने आशिक जैसा है, जो आपको किसी और के साथ आगे बढ़ते देख नहीं पाता, इसलिए हर वक्त नफरत दिखाने के बहाने ढूंढता है.”
 
"अब भी है प्यार, पर अजीब तरीकों से निकलता है"
 
अदनान सामी ने आगे कहा कि जो लोग आज उनकी आलोचना कर रहे हैं, वो दरअसल अब भी कहीं न कहीं उनसे जुड़े हुए हैं.उन्होंने कहा:
“जब कोई आपसे उबर नहीं पाता, तो प्यार कभी-कभी गुस्से या नफरत के रूप में बाहर आता है. मैं समझ सकता हूं कि वो लोग अंदर से क्या महसूस करते हैं.”
 
भारतीय नागरिकता पर विवाद और सफाई
 
सामी ने साफ किया कि उनकी भारतीय नागरिकता को लेकर जो बातें की जाती हैं, वो पूरी तरह बिना जानकारी के होती हैं.
"मुझे 18 साल लगे भारत की नागरिकता पाने में. इसके पीछे बहुत गंभीर और निजी कारण थे.”उन्होंने ये भी जोड़ा कि लोग ये क्यों नहीं सोचते कि दुनिया भर में लाखों लोग माइग्रेट करते हैं, तो उनके साथ ऐसा विवाद क्यों नहीं होता?
अदनान सामी का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के अलावा, ये विवाद असल में एक मानसिकता का नतीजा है —“एक्स-लवर सिंड्रोम! ये वही लोग हैं जो आपको भुला नहीं पा रहे।”
 
पाकिस्तानी मंत्री की टिप्पणी और करारा जवाब
 
पहलगाम हमले के बाद जब भारत सरकार ने कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के आदेश दिए, तब पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने अदनान सामी पर भी तंज कसते हुए सवाल किया, “अदनान सामी का क्या?”
 
इस पर अदनान सामी ने जोरदार जवाब दिया:"इस अनपढ़ मूर्ख को कौन समझाए?"उनकी ये प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई.
 
संगीत की शुरुआत और सफर
 
अदनान सामी का जन्म इंग्लैंड में हुआ था. उनके पिता अरशद सामी खान पाकिस्तान के राजनयिक थे, जबकि मां नूरीन खान भारत के जम्मू की रहने वाली थीं. संगीत में अदनान की रुचि बचपन से ही रही और उन्होंने बेहद कम उम्र में ही इसे करियर बनाने का फैसला किया. उन्होंने अपना म्यूजिकल करियर 1986 में एक इंग्लिश एल्बम से शुरू किया, लेकिन उनकी क्लासिकल संगीत की असल पहचान 1981 में आई, जब उन्होंने उस्ताद जाकिर हुसैन के साथ मिलकर पहला क्लासिकल एल्बम तैयार किया. इसके बाद 2000 में उन्होंने आशा भोसले के साथ 'कभी तो नजर मिलाओ' और फिर अमिताभ बच्चन के साथ 'लिफ्ट करा दे' जैसे सुपरहिट एल्बम दिए, जिसने उन्हें भारत में जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई.
 
फिल्मी गानों में भी छाए
 
• ‘लकी: नो टाइम फॉर लव’ का 'सुन ज़रा'
• ‘बजरंगी भाईजान’ का भावुक गाना "भर दो झोली मेरी"
• साथ ही ‘धमाल’, ‘1920’, ‘शौर्य’ जैसी फिल्मों में भी अपनी आवाज़ दी.

 
बता दें अदनान सामी अब भारतीय नागरिक हैं, और उन्होंने बार-बार ये साफ किया है कि उनका फैसला निजी, सोच-समझकर लिया गया था. पाकिस्तान पर उनके हालिया बयान ने फिर से पुराने विवादों को हवा दे दी है, लेकिन उनका अंदाज हमेशा की तरह साफ और बेबाक है.

 

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