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पहलगाम हमले पर बेतुके बयान से भड़कीं भाग्यश्री, पाकिस्तानी पत्रकार को सुनाई खरी-खोटी

पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तानी पत्रकार के बयान से नाराज अभिनेत्री भाग्यश्री ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकार को ‘ब्रेनलेस इडियट’ कहकर आड़े हाथों लिया और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने की कड़ी निंदा की।

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24 Apr 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:43 PM )
पहलगाम हमले पर बेतुके बयान से भड़कीं भाग्यश्री, पाकिस्तानी पत्रकार को सुनाई खरी-खोटी
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर आम जन के साथ ही एक्टर्स का गुस्सा भी हाई है. सोशल मीडिया पर सेलेब्स के रिएक्शंस सामने आ रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान के बचाव में उतरे वहां के एक पत्रकार के बयान पर अभिनेत्री भाग्यश्री क्रोधित नजर आईं. उन्होंने शेयर किए गए पोस्ट में शख्स को ‘ब्रेनलेस इडियट’ तक कह दिया.

भाग्यश्री की तीखी प्रतिक्रिया

इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन पर पाकिस्तानी पत्रकार के पोस्ट के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए भाग्यश्री ने लिखा, “यह ब्रेनलेस इडियट (मूर्ख) कौन है और इसकी हिम्मत कैसे हुई?”.

अभिनेत्री ने आगे लिखा, “कश्मीर के इतिहास में लंबे समय के बाद खुशहाली आ रही थी. स्थानीय लोग वास्तव में खुश थे कि वे शांति से रह रहे और पैसा कमा रहे थे. लोग बिना किसी डर के बाहर निकल रहे थे और वे दूसरी जगहों पर रहने वाले भारतीयों की तरह सुरक्षित महसूस कर रहे थे. उन्हें फिर से यह महसूस कराने की जरूरत है. उन्हें खत्म कर दो, जिन्होंने वहां की शांति को भंग करने की कोशिश की”.

वहीं, शेयर की गई तस्वीर की स्क्रीनशॉट में लिखा है, “पहलगाम हमला उत्तरों से अधिक प्रश्न उठाता है. पाकिस्तान को इस तरह की हरकत से सैन्य, क्षेत्रीय, कूटनीतिक या रणनीतिक रूप से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है. वहां पर पीड़ित निहत्थे नागरिक थे, सैनिक नहीं थे, जिससे किसी भी सामरिक लाभ की संभावना समाप्त हो जाती है. इसके बजाय यह घटना सीधे तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लंबे समय से चले आ रहे कथन का समर्थन करती है और आतंकवाद के नाम पर कश्मीर में दमन को बढ़ाने के लिए दिल्ली को नया औचित्य प्रदान करती है”.

पोस्ट में आगे लिखा है, “जिम्मेदारी लेने वाले समूह, द रेजिस्टेंस फ्रंट का स्वायत्त संचालन का इतिहास रहा है और वह कश्मीर के भीतर से स्थानीय स्तर पर भर्ती करता है. उनका मकसद जनसांख्यिकीय परिवर्तन का विरोध करना है. स्पष्ट रूप से यह एक स्थानीय मुद्दा है, न कि सीमा पार का एजेंडा. इसके अलावा, हमले से पाकिस्तान को जोड़ने वाला कोई फोरेंसिक या खुफिया-आधारित सबूत नहीं है”.

Input : IANS

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