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पाकिस्तानी कलाकार कर सकते हैं भारत में काम? जावेद अख्तर की दो टूक- सवाल ही पैदा नहीं होता
एक बार फिर से पाकिस्तानी कलाकारों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. अब बॉलीवुड के जाने माने लेखक जावेद अख़्तर ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम करने की इजाज़त मिलनी चाहिए या नहीं इस पर खुलकर बात की है. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के भारत की तरफ़ एकतरफा रवैये को लेकर भी तीखे सवाल किए हैं.
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कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पूरे देश में इस कदर नाराजगी है कि लोग सरकार से एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं. इस आंतकी हमले के बाद से ही भारत में पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान की फिल्म अबीर गुलाल को भारत में बैन कर दिया गया है. यूट्यूब से उनकी फिल्म के गानों को भी हटा दिया गया है.
‘ये सवाल ही पैदा नहीं होता, ये मुमकिन नहीं है’
इतना ही नहीं दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदारजी 3 से पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर को भी बाहर निकाल दिया गया है. एक बार फिर से पाकिस्तानी कलाकारों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. अब बॉलीवुड के जाने माने लेखक जावेद अख़्तर ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम करने की इजाज़त मिलनी चाहिए या नहीं इस पर खुलकर बात की है. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के भारत की तरफ़ एकतरफा रवैये को लेकर भी तीखे सवाल किए हैं.
जावेद अख़्तर ने इस मामले को लेकर एक बातचीत में कहा कि "पहलगाम में जो हुआ, उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच कोई दोस्ताना माहौल नहीं है. ऐसे में यह पूछना कि क्या पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में काम करने देना चाहिए, गलत है. यह सवाल बेहतर समय में उठाया जा सकता है, जब दोनों देशों के रिश्ते सुधरें, लेकिन फिलहाल ये सवाल ही पैदा नहीं होता, ये मुमकिन नहीं है."
पाकिस्तान ने बदले में नहीं दिखाया भारत जैसा रवैया!
जावेद अख़्तर ने आगे कहा कि “खास तौर पर हाल में जो कुछ भी हुआ, उसके बाद यह इस वक्त चर्चा का विषय भी नहीं होना चाहिए, पहलगाम में जो कुछ हुआ है, उसके कारण शायद ही कोई दोस्ताना भावना या गर्मजोशी है. सवाल ये होना चाहिए कि क्या हमें पाकिस्तानी कलाकारों को यहां काम करने की इजाजत देनी चाहिए? पहला सवाल यह होना चाहिए कि क्या हमें पाकिस्तानी कलाकारों को यहां आने देना चाहिए. इसके दो जवाब हैं, दोनों ही समान रूप से लॉजिकल हैं. ये हमेशा एकतरफा रहा है. नुसरत फतेह अली खान, गुलाम अली, नूरजहां भारत आए, हमने उनका बहुत अच्छा स्वागत किया, लेकिन पाकिस्तान की ओर से ऐसा रवैया कभी नहीं दिखा. फैज अहमद फैज, जो महान कवि हैं, वह पाकिस्तान में रहते थे. जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान वह भारत आए, तो उनके साथ एक राष्ट्राध्यक्ष जैसा व्यवहार किया गया, सरकार द्वारा बहुत सम्मान दिया गया, लेकिन मुझे नहीं लगता का पाकिस्तान ने कभी पलटकर इसका जवाब दिया हो.”
‘हमें आपसे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता’
जावेद अख़्तर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि “मुझे पाकिस्तान के लोगों से कोई शिकायत नहीं है. पाकिस्तान के बड़े-बड़े कवियों ने लता मंगेशकर के लिए गीत लिखे हैं. 60 और 70 के दशक में लता मंगेशकर भारत और पाकिस्तान की सबसे लोकप्रिय गायिका थीं, लेकिन पाकिस्तान में लता मंगेशकर का एक भी कार्यक्रम क्यों नहीं हुआ? मैं पाकिस्तान के लोगों से शिकायत नहीं करूंगा, उन्हें पाकिस्तानी आवाज ने खूब प्यार किया, लेकिन कुछ रुकावटें थीं, रुकावटें सिस्टम की थीं, जो मुझे समझ में नहीं आतीं. जब बर्ताव सिर्फ एकतरफा होता है, तो एक वक्त के बाद ऊब आ जाती है. ये बिल्कुल बराबरी का होना चाहिए. हमें आपसे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता, लेकिन ये कब तक चलता रहेगा?”
हम पाकिस्तान में किसे खुश कर रहे हैं?
जावेद अख़्तर ने कहा कि "दूसरा सवाल भी उतना ही वैध है, अगर हम पाकिस्तानी कलाकारों को ब्लॉक करते हैं, तो हम पाकिस्तान में किसे खुश कर रहे हैं? सेना और कट्टरपंथी, यही तो वो चाहते हैं? वो दूरी चाहते हैं, ये उनके ही फायदे ही बात है. भारत और पाकिस्तान के बीच वो लंबी दीवार खड़ी करना चाहते हैं. जिससे वहां के लोगों को कभी पता ना चले कि भारत के नागरिकों को किस तरह की आजादी मिलती है. क्योंकि यहां से पाकिस्तानी कलाकार वापस जाएंगे तो बताएंगे कि भारत में किस तरह से लोगों को मौका और प्रिविलेज मिलता है. तो क्या हम उन्हें खुश कर रहे हैं उन्हें बैन करके? क्या हम उनकी मदद कर रहे हैं? ये भी सवाल है. दोनों सवाल सही हैं. लेकिन इस समय जो कुछ भी हुआ है उसके बाद तो ये टॉपिक भी नहीं होना चाहिए. पहलगाम में जो भी हुआ, उसके बाद ये सब सोचने का मतलब भी नहीं. इस समय ये सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए."
आंतकी हमले पर भड़के जावेद अख़्तर!
बता दें कि इससे पहले जावेद अख़्तर ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले कि निंदा की थी. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि “चाहे कुछ भी हो, चाहे जो भी कीमत चुकानी पड़े, चाहे जो भी परिणाम हों, पहलगाम के आतंकियों को बचकर भागने नहीं दिया जा सकता. इन हत्यारों को अपने अमानवीय कृत्यों के लिए अपनी जान देकर इसका भुगतान करना होगा.”
हमले से गुस्से में बॉलीवुड!
बता दें कि संजय दत्त, अक्षय कुमार, सनी देओल, सलमान खान, आमिर खान, शाहरुख खान, और प्रियंका चोपड़ा, समेत बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियों ने इस आंतकी हमले की निंदा की है. इन सभी स्टार्स ने सोशल मीडिया के जरिए इस आतंकी हमले को लेकर सरकार से अपील की आतंकी घटनाओं पर जल्द और सख्त कार्रवाई हो. उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की भी अपील की. देश के हर कोने से इस हमले के खिलाफ आवाज़ें उठ रही हैं और बॉलीवुड भी इस वक्त दुख और आक्रोश से भरा नजर आ रहा है.
नाम पूछा, धर्म पूछा और मार दिया!
बता दें कि आतंकियों ने पहलगाम में जिस तरह की बर्बरता दिखाई है उससे पूरा देश गुस्से में है. आतंकियों ने पहले नाम पूछा, धर्म पूछा और फिर भी शक हुआ तो कन्फर्म करने के लिए आतंकियों ने कई टूरिस्टों के पैंट उतरवाए और कन्फर्म किया कि वो गैर मुस्लिम हैं या नहीं और फिर बाद में हिंदू पाए जाने पर मार दिया. आतंकियों ने धर्म के नाम पर जिस तरह से मासूमों की जान ली है उसके बाद से ही देश में बवाल मचा हुआ है.
बता दें कि 22 अप्रेल को पहलगाम की बैसारन घाटी में आंतकी हमला हुआ था. इस आंतकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में उत्तर प्रदेश, नेपाल, यूएई, गुजरात, महारष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु के भी हैं. सोशल मीडिया पर कश्मीर से दिल को दहला देने वाले विजुअल्स और फ़ोटोज़ सामने आ रही है, जिसे देखकर दिल पसीज जाएगा. इस घटना से लोगों में आक्रोश और लोग सरकार से इसकी जवाबी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.
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