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क्या पूर्व बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना को मिलेगी मौत की सजा? नरसंहार के आरोप में मुकदमा दर्ज, शिकंजा कसने की तैयारी

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई जा सकती है. यह पूरा मामला बांग्लादेश में पिछले साल हुए विरोध-प्रदर्शन में 1400 लोगों की मौत का है. इस नरसंहार मामले में हसीना पर शिकंजा कसने की तैयारी है.

क्या पूर्व बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना को मिलेगी मौत की सजा? नरसंहार के आरोप में मुकदमा दर्ज, शिकंजा कसने की तैयारी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई जा सकती है. उनके साथ-साथ दो वरिष्ठ अधिकारियों पर भी साल 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने के कई गंभीर आरोप लगे हैं. ऐसे में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उन पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. आरोप है कि हसीना ने जानबूझकर हिंसक अभियान चलाया था, जिसमें 1400 से ज्यादा लोगों की मौतें हुई थी. बता दें कि अभियोजन पक्ष के मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम ने कहा है कि यह नरसंहार योजनाबद्ध तरीके से हुआ था.

नरसंहार मामले में 81 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया 

मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम द्वारा प्रस्तुत किए गए वीडियो साक्ष्यों में विभिन्न सरकारी एजेंसियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि शेख हसीना ने अपने सुरक्षाबलों, सत्ताधारी पार्टी और कई अन्य संगठनों को नरसंहार का आदेश दिया था. इस मामले में 81 लोगों को बतौर गवाह सूचीबद्ध किया गया है. अभियोजकों का कहना है कि एक देश के प्रधानमंत्री के रूप में देश के सभी सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई की पूर्ण जिम्मेदारी होती है, लेकिन शेख हसीना के आदेश पर ढाका, चिटगांव और कई अन्य शहरों में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपनी गोलियों से निशाना बनाया, कई जगहों से उन्हें जबरन हटाया गया. 

शेख हसीना पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप 

देश और दुनिया की कई संस्थाओं ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. एमनेस्टी और ह्यूमन राइट्स जैसी संस्थाओं ने लंबे समय से बांग्लादेश में सत्ता का दुरुपयोग और प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार की निंदा की है. हालांकि, इस मामले पर अभी तक शेख हसीना का कोई बयान सामने नहीं आया है. पूर्व पीएम के सहयोगियों ने इसे एक राजनीतिक साजिश बताया है.  

शेख हसीना को होगी फांसी?

बता दें कि साल 1971 में मुक्ति संग्राम में पाकिस्तान सेना के सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए न्यायाधिकरण की तरफ से कई जमात ए इस्लामी और बांग्लादेश के नेशनलिस्ट पार्टी के नेताओं को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है. यही वजह है कि शेख हसीना को लेकर भी संभावना जताई जा रही है कि उन्हें भी फांसी की सजा हो सकती है.

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शेख हसीना की गिरफ्तारी से पहले अरेस्ट वारंट जारी

बता दें कि शेख हसीना की पकड़ने के लिए उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत से उनके प्रत्यर्पन का अनुरोध किया है. इस पर भारत का किसी भी तरह का कोई बयान सामने नहीं आया है. जानकारी के लिए बता दें कि शेख हसीना सरकार में शामिल अधिकतर वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. उन सभी पर सामूहिक हत्या और असंतोष को दबाने तक के कई आरोप हैं. बांग्लादेश में पिछले साल हुई हिंसा में कुल 1400 लोग मारे गए थे, इनमें छात्र और सुरक्षाकर्मी शामिल थे. यह हिंसा 15 जुलाई से लेकर अगस्त तक चली थी.

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