ट्रंप के हमले का काउंटडाउन शुरू, अमेरिका ने अपने नागरिकों को फौरन ईरान छोड़ने को कहा, अलर्ट पर US आर्मी-एयर फोर्स
ईरान में अमेरिकी हमले का अंदेशा बढ़ता जा रहा है. कहा जा रहा है कि ट्रंप फुल ऑन वॉर मोड में आ चुके हैं. ऐसा इसलिए क्यों ईरान में रह रहे ड्यूल नागरिकता वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है.
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ईरान में अभी भारी तनाव का माहौल है. एक तरफ देश की आम जनता खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. दूसरी ओर, तेहरान में सरकार के समर्थन में रैली निकाली जा रही है. खामेनेई शासन समर्थित और विरोधी प्रदर्शनकारी आमने सामने हैं. विरोध और समर्थन दोनों में प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन भारी आम लोगों का प्रदर्शन पड़ रहा है.
इसी बीच खबर सामने आ रही है कि अमेरिका पूरी तरह ईरान पर सैन्य कार्रवाई के मोड में आता जा रहा है. बीते दिनों ट्रंप को ईरान पर अटैक प्लान ऑप्शंस के बारे मेें जानकारी दी गई थी. अब लग रह है कि ट्रंप कभी भी हमले का आदेश दे सकते हैं. इस बात का अंदाजा अमेरिकी विदेश मंत्री के हालिया आदेश से लग रहा है.
अमेरिका ने अपने नागरिकों को फौरन ईरान छोड़ने को कहा
दरअसल यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने 12 जनवरी 2026 को एक इमेरजेंसी सुरक्षा अलर्ट जारी किया है, जिसमें सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश दिया गया है. अमेरिकी सरकार ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नागरिकों, विशेष रूप से दोहरी नागरिकता रखने वालों को वहां मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का गंभीर खतरा है.
अमेरिकी एडवाइजरी में क्या है?
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि ईरान सरकार दोहरी नागरिकता (U.S.-Iranian) को मान्यता नहीं देती है. ऐसे में इन नागरिकों को पूरी तरह ईरानी नागरिक मानकर उन पर वहां के सख्त कानून थोपे जा सकते हैं. अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से संबंध होने का कोई भी सबूत गिरफ्तारी का आधार बन सकता है. ईरान में कोई अमेरिकी दूतावास नहीं है, इसलिए संकट में फंसे नागरिकों को सरकारी मदद मिलना लगभग नामुमकिन है.
तुर्की और आर्मेनिया निकले की सलाह!
आपको बता दें कि कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन्स ने 16 जनवरी तक अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिसके चलते अमेरिका ने अपने नागरिकों को अगर मुमकिन हो तो आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते सड़क मार्ग से निकलने की सलाह दी है.
ईरान में हमले पर विचार कर रहे ट्रंप!
वहीं इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में चल रही घटनाओं को देखते हुए अमेरिका कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि वहां आम नागरिकों की मौत हो सकती है, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने हालात की गहराई से समीक्षा शुरू कर दी है. इससे पहले फ्लोरिडा से व्हाइट हाउस लौटते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि जो हालात दिख रहे हैं, उनसे लगता है कि कुछ ऐसे लोग मारे गए हैं, जिन्हें मारा नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वहां जो लोग सत्ता में हैं वे नेतृत्व करने के बजाय हिंसा के सहारे शासन कर रहे हैं.
ईरान पर नजर बनाए हुए है अमेरिकी सेना
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा, "हम इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं. सेना इसे देख रही है, और हम कुछ बहुत मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. हम फैसला करेंगे." जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने कोई रेड लाइन पार कर ली है, तो ट्रंप ने किसी भी सैन्य योजना का खुलासा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बताएंगे कि हमला कहां, कब और किस तरह किया जाएगा.
ट्रंप को हर घंटे की दी जा रही है ब्रीफिंग
राष्ट्रपति ने बताया कि उन्हें ईरान की स्थिति पर लगातार जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हर घंटे रिपोर्ट मिल रही है और इन्हीं जानकारियों के आधार पर फैसला किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों की मौत को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि कुछ लोगों की मौत भगदड़ के कारण हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ बहुत ज्यादा थी और कुछ लोगों को गोली भी लगी.
ऐसा जवाब देंगे कि पहले कभी नहीं दिया गया होगा: ट्रंप
ईरान या उसके सहयोगियों की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका पर ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जैसा पहले कभी नहीं दिया गया. ईरान इसकी कल्पना भी नहीं कर पाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका के इरादों को समझ लेना चाहिए. उन्होंने पिछले घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्षों में कई बड़े खतरों को खत्म किया गया है और अमेरिका अपनी चेतावनी को गंभीरता से लागू करता है.
हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि इस मामले में अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से कोई बातचीत की है या नहीं. उन्होंने यह भी नहीं बताया कि अंतिम फैसला कब तक लिया जाएगा.
100 घंटे से ज्यादा समय से फोन-इंटरनेट सेवा ठप
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गौरतलब है कि ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार अशांति देखी जा रही है. देश के कई शहरों में हजारों लोग मौजूदा शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान में जनता का ये विरोध प्रदर्शन अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. ईरान में अमेरिकी ह्यूमन राइट्स समूह के ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) के अनुसार अब तक इस विरोध प्रदर्शन में करीब 544 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इतना ही नहीं 100 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ईरान में इंटरनेट-फोन सेवा बंद है.
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