नेतन्याहू को क्यों नहीं गिरफ्तारी का डर, खुलेआम जा रहे हंगरी की यात्रा पर

चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक इन दिनों भारत की राजकीय यात्रा पर हैं. उन्होंने पीएम मोदी से हैदराबाद हाउस में बातचीत की तब की तस्वीर जो सामने आई वो चीन समेत अमेरिका के होश उड़ाने के लिए काफी थी….पीएम मोदी से मिलकर चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक काफी खुश थे

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02 Apr 2025
( Updated: 10 Dec 2025
06:14 AM )
नेतन्याहू को क्यों नहीं गिरफ्तारी का डर, खुलेआम जा रहे हंगरी की यात्रा पर
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार को हंगरी की चार दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। उनके खिलाफ गाजा में युद्ध अपराध के आरोपों पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) का गिरफ्तारी वारंट जारी है।   

आईसीसी के संस्थापक सदस्य के रूप में, हंगरी सैद्धांतिक रूप से न्यायालय के वारंट के अधीन किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने और सौंपने के लिए बाध्य है।

हालांकि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने नेतन्याहू को यात्रा का निमंत्रण देते समय स्पष्ट कर दिया था कि हंगरी इस फैसले का सम्मान नहीं करेगा।

नवंबर 2024 में जब नेतन्याहू और इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए, तो ओर्बन ने आईसीसी को 'निर्लज्ज, निंदक और पूरी तरह से अस्वीकार्य' कहा। उन्होंने वादा किया कि नेतन्याहू की हंगरी की किसी भी यात्रा के दौरान, वह 'उनकी स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी देंगे।'

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की ओर से उन्हें और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट को गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किए जाने के बाद से यह उनकी दूसरी विदेश यात्रा होगी। हालांकि होलोकॉस्ट स्मारक की योजनाबद्ध यात्रा के अलावा उनके कार्यक्रम का विवरण सीमित है।

नेतन्याहू ने फरवरी में अपने करीबी सहयोगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए वाशिंगटन का दौरा किया था। न तो इजरायल और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका आईसीसी के सदस्य हैं। वाशिंगटन का तर्क है कि आईसीसी का इस्तेमाल राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियोगों के लिए किया जा सकता है।

7 अक्टूबर 2023 इजरायल में हमास के बड़े हमले के जवाब में यहूदी राष्ट्र ने फिलिस्तीनी ग्रुप के कब्जे वाली गाजा पट्टी में सैन्य अभियान शुरू किया था। हमास के हमले में करीब 1200 लोग मारे गए थे जबकि 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया था।

इजरायली सैन्य अभियान की वजह से 50,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और गाजा पट्टी तबाह हो गई। विश्व भर में इजरायली मिलिट्री एक्शन की निंदा हुई है और उस नरसंहार के भी आरोप लगे।

इजरायल ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उसका कहना है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और यहूदी-विरोधी भावना से प्रेरित हैं। उसका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करने वाले देश के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता के खिलाफ वारंट जारी करके अपनी सारी वैधता खो दी है।

आईसीसी ने नेतन्याहू और गैलेंट की गिरफ्तारी के साथ ही हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ की गिरफ्तारी के लिए भी वारंट जारी किया, जिसकी मृत्यु की पुष्टि वारंट जारी होने के बाद हुई।

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