Advertisement

खुद देश संभल नहीं रहा, दोष हमें दे रहे हो.... बांग्लादेश की यूनुस सरकार को भारत ने क्यों लगाई फटकार, जानें पूरा मामला

बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद हिंसा बढ़ रही है. खगराछारी में हाल ही में झड़पों में तीन आदिवासी मारे गए. गृह मंत्री जहांगीर आलम ने भारत पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया, जिसे भारत ने ‘झूठा और निराधार’ करार दिया. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी हिंसा में संलिप्त नहीं है और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ रही है.

खुद देश संभल नहीं रहा, दोष हमें दे रहे हो.... बांग्लादेश की यूनुस सरकार को भारत ने क्यों लगाई फटकार, जानें पूरा मामला
Muhammad Yunus (File Photo)

बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद देश में हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इन घटनाओं को रोकने में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पूरी तरह से नाकाम दिख रही है. हाल ही में खगराछारी जिले के चटगांव पहाड़ी क्षेत्र में हुई झड़पों ने एक बार फिर वहां की अस्थिर स्थिति को उजागर किया है. इस हिंसा में तीन आदिवासी पुरुषों की हत्या कर दी गई थी. इसके तुरंत बाद बांग्लादेश के गृह मंत्री जहांगीर आलम चौधरी ने भारत पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया. 

भारत ने दी सख्त चेतावनी 

बांग्लादेश के गृह मंत्री जहांगीर आलम के आरोप पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह दावा 'झूठा और निराधार' है और भारत बांग्लादेश में हिंसा फैलाने में संलिप्त नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ रही है और अक्सर अपनी असफलताओं का दोष किसी और पर मढ़ती रही है. विदेश मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि भारत बांग्लादेश में किसी प्रकार की अशांति को बढ़ावा नहीं दे रहा है. जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि खगराछारी में पिछले सप्ताह हुई हिंसा, जिसमें एक लड़की के साथ कथित बलात्कार की घटना को लेकर तनाव फैल गया, भारत के किसी हस्तक्षेप का परिणाम नहीं है.

हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना

इसके साथ ही बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा बढ़ने की रिपोर्ट भी चिंताजनक है. मानवाधिकार संगठन राइट्स एंड रिस्क्स एनालिसिस ग्रुप (RRAG) के अनुसार, अगस्त 2024 से फरवरी 2025 तक बांग्लादेश में 1,254 हिंसक घटनाएं हुईं, जिनमें कई बार हिंदू समुदाय प्रभावित हुआ. संयुक्त राष्ट्र की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं.

यह भी पढ़ें

बता दें कि भारत ने बांग्लादेश को चेतावनी दी है कि ऐसी बयानबाजी से शांति और स्थिरता पर खतरा होता है. यह फटकार इस बात की ओर इशारा करती है कि पड़ोसी देश को अपने भीतर के कानून-व्यवस्था संकट का सामना स्वयं करना होगा और किसी अन्य देश पर दोष नहीं डालना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति बांग्लादेश के आंतरिक प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है, और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें