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'हमें विदेशी हुनर की जरूरत...', H-1B वीजा प्रोग्राम पर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, कहा- अमेरिका में खास प्रतिभा की कमी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा प्रोग्राम का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका को कुछ खास उद्योगों के लिए विदेशी प्रतिभाओं की जरूरत है. ट्रंप ने साफ कहा कि हर काम के लिए विशेष कौशल चाहिए, जिसे केवल विदेशी टैलेंट से ही पूरा किया जा सकता है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी सरकार ने एच-1बी वीजा पर सख्ती और आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी की है.

'हमें विदेशी हुनर की जरूरत...', H-1B वीजा प्रोग्राम पर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, कहा- अमेरिका में खास प्रतिभा की कमी
Donald Trump (File Photo)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी न किसी कारण लगातार वैश्विक सुर्खियों में बने रहते हैं. कभी अपनी व्यापारिक नीतियों को लेकर, तो कभी देश के वीजा प्रोग्राम के कारण वह चर्चा में रहते हैं. अब उनके फैसलों को लेकर अमेरिका के कई बुद्धिजीवी भी खुलकर आलोचना करने लगे हैं. इसी बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा प्रोग्राम का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका को कुछ खास उद्योगों के लिए विदेशी प्रतिभाओं की जरूरत है.

ट्रंप ने क्या कहा? 

फॉक्स न्यूज की एंकर लौरा इंग्राहम से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी सरकार एच-1बी वीजा को कम प्राथमिकता देने जा रही है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, 'आपको टैलेंट लाना ही होगा.' जब इंग्राहम ने कहा कि हमारे पास तो पहले से बहुत टैलेंट है, तो ट्रंप ने दो टूक कहा- नहीं, आपके पास नहीं है. ट्रंप ने आगे समझाते हुए कहा, 'कुछ खास तरह की प्रतिभाएं यहां नहीं हैं। आप बेरोजगारों की कतार में खड़े किसी व्यक्ति को उठाकर नहीं कह सकते कि चलो, अब तुम मिसाइल फैक्ट्री में काम करो. लोगों को ये समझना होगा कि हर काम के लिए खास स्किल चाहिए.'

वीजा नीति में हालिया सख्ती

अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन ने सितंबर में एच-1बी वीजा पर सख्ती की घोषणा की थी, जिसमें आवेदन शुल्क को बढ़ाकर 100,000 डॉलर कर दिया गया था. इसी के तहत, अमेरिकी श्रम विभाग ने 175 से ज्यादा इन्वेस्टिगेशन शुरू की हैं ताकि एच-1बी प्रोग्राम के दुरुपयोग की संभावनाओं को परखा जा सके. यह पहल 'प्रोजेक्ट फायरवॉल' के नाम से चल रही है, जो उन कंपनियों को निशाने पर ले रही है जो इस वीजा सिस्टम का गलत फायदा उठाती हैं. डीओएल सचिव लोरी शावेज-डीरीमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, 'हम एच-1बी के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करने के लिए हर संसाधन का इस्तेमाल कर रहे हैं.'

फ्लोरिडा में एच-1बी पर नया विवाद

इसी बीच, फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने राज्य के विश्वविद्यालयों में एच-1बी वीजा पर लगे कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा, 'हम विदेशी कर्मचारियों को क्यों ला रहे हैं, जब हमारे अपने लोग ये काम कर सकते हैं? यह सस्ता श्रम का तरीका है.' वहीं, व्हाइट हाउस ने दोहराया कि राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता अमेरिकी कामगारों को पहले अवसर देना है. हालांकि, इस नीति के खिलाफ कई कानूनी चुनौतियां भी सामने आई हैं, जिनमें से एक मुकदमा यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने दायर किया है.

भारत-अमेरिका संबंधों पर असर की आशंका

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इसके अलावा, 31 अक्टूबर को पांच अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को पत्र लिखकर 19 सितंबर के उनके आदेश पर पुनर्विचार करने की अपील की. सांसदों ने कहा कि यह नीति भारत-अमेरिका संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकती है. गौरतलब है कि 2024 में जारी कुल एच-1बी वीजाओं में से 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय मूल के पेशेवरों को मिले हैं.

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