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यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझे पुतिन की नई पहल, ट्रंप से इजरायल-ईरान संघर्ष पर की बातचीत

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण हालात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. इसी बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है. ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “पुतिन ने मुझे फोन किया और जन्मदिन की बधाई दी. लेकिन इससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण बात यह थी कि हम दोनों इस बात पर सहमत हुए कि यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए.

यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझे पुतिन की नई पहल, ट्रंप से इजरायल-ईरान संघर्ष पर की बातचीत

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण हालात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. इसी बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अब इस युद्ध को समाप्त किया जाना चाहिए.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर साझा की. उन्होंने बताया कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें फोन कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, साथ ही ईरान-इजरायल संकट पर भी लंबी चर्चा की. ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “पुतिन ने मुझे फोन किया और जन्मदिन की बधाई दी. लेकिन इससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण बात यह थी कि हम दोनों इस बात पर सहमत हुए कि यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए.” जानकारी देते चलें कि रूस खुद पिछले तीन वर्षों से यूक्रेन के साथ युद्ध की स्थिति में है, और इस संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका, भारत सहित कई देशों ने बार-बार कूटनीतिक प्रयास किए हैं. ऐसे में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर ट्रम्प और पुतिन की यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम संदेश मानी जा रही है. इसके अलावा ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि रूस-यूक्रेन पर चर्चा अगले सप्ताह होगी. 

ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता रद्द
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. मध्यस्थ देश ओमान ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित छठे दौर की परमाणु वार्ता को रद्द कर दिया गया है. यह वार्ता इस सप्ताह के अंत में होने वाली थी, लेकिन इजरायल-ईरान के बीच तीखी सैन्य झड़पों के कारण इसे स्थगित करने का फैसला लिया गया है. इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर सहमति जताई है कि मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है.

परमाणु कार्यक्रम विवाद की जड़ 
ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरे विवाद की जड़ है जिसे लेकर इजरायल ने हाल ही में बड़ी सैन्य कार्रवाई की. इजरायली वायुसेना ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए. इस हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी और सुरक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद बाघेरी की मौत हो गई. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को "ईरानी परमाणु खतरे को पीछे धकेलने की ज़रूरी कार्रवाई" करार दिया. उनका दावा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था, और उसे अब रोकना अत्यंत आवश्यक हो गया था.

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दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश बलपूर्वक जवाब देगा. इसके कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने तेल अवीव सहित इजरायल के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और भी अधिक बढ़ गया है. जानकारों का मानना है कि अब जबकि परमाणु वार्ता रद्द हो चुकी है और सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, इस संकट को संभालना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है. हालांकि, कूटनीतिक हल की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं, बशर्ते दोनों पक्ष युद्ध के बजाय वार्ता को प्राथमिकता दें.

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