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‘शहादत बेकार नहीं जाएगी, परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा...’, अमेरिकी हमले के बाद भी बचा ईरान का परमाणु ठिकाना, खाई कसम

ईरान के परमाणु परिसर पर हवाई हमले के बाद अमेरिका की ईरान-ईजरायल जंग में आधिकारिक तौर पर एंट्री हो गई है. अमेरिकी सेना के फोर्डो, नतांज और इस्‍फहान में ईरान के परमाणु संयत्रों और परिसरों पर हमले के बाद ईरानी परमाणु एजेंसी का बयान आया है. उसने कहा है कि भीषण हमलों के बाद भी कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ है. वो अपने सैनिकों और परमाणु वैज्ञानिकों की शहादत को नहीं भूलेगा और ‘परमाणु कार्यक्रम’ जारी रखेगा.

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22 Jun 2025
( Updated: 05 Dec 2025
09:59 PM )
‘शहादत बेकार नहीं जाएगी, परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा...’, अमेरिकी हमले के बाद भी बचा ईरान का परमाणु ठिकाना, खाई कसम

इजरायल और ईरान के बीच करीब 10 दिन पहले शुरू हुए सैन्य तनाव में अब अमेरिका की भी प्रत्यक्ष एंट्री हो गई है. जंग में अब तक सीधी भूमिका से इनकार करने वाले यूस ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले और बमबार्डिंग की है, जिसके बाद अब ये लड़ाई त्रिकोणीय हो गई है. भारतीय समयानुसार सुबह 4.30 बजे अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐलान किया कि अमेरिकी सेना ने फोर्डो, नतांज और इस्‍फहान में ईरान के परमाणु संयत्रों और परिसरों पर 'बहुत सफल' हमले किए हैं.

बताया जा रहा है कि US Air Force ने B2 बॉम्बर्स से तीन न्यूक्लियर प्लांट्स पर बम बरसाए हैं. इस एयर स्ट्राइक के बाद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में स्थित अपने तमाम एयरबेस और सैन्य ठिकानों के लिए हाई अलर्ट जारी किए हैं. वहीं इससे पहले, ईरान ने इजरायल की ओर दर्जनों ड्रोन लॉन्च किए थे. अमेरिकी हमलों के बाद ईरान क परमाणु एजेंसी की तरफ से एक बयान जारी किया गया है.

ईरान के 'एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन' ने अमेरिकी वायु सेना द्वारा किए गए हमलों पर कहा है कि उसकी न्यूक्लियर साइट्स पर हमले 'अंतरराष्ट्रीय कानून' का उल्लंघन है. हालांकि, ऑर्गेनाइजेशन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन हमलों से कितना नुकसान हुआ है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने 'नेशनल इंडस्ट्री' के काम को नहीं रोकेगा, जो देश के न्यूक्लियर डेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी है.

तेहरान की एजेंसी ने कहा कि उसकी न्यूक्लियर साइट्स पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं. ईरानी परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने आगे कहा कि 'पिछले कुछ दिनों में जायोनी दुश्मन की तरफ से किए गए क्रूर हमलों के बाद, आज सुबह इस्लामी ईरान के दुश्मनों द्वारा फोर्डो, नतांज और इस्‍फहान में देश के परमाणु स्थलों पर हमला किया गया, जो अंतरराष्‍ट्रीय कानून, खासतौर पर परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का उल्लंघन करता है.'

अमेरिकी हमलों के बाद भी लीक नहीं हुआ
एटॉमिक एजेंसी ने अमेरिकी हमलों के बाद स्‍पष्‍ट किया है कि किसी भी तरह का कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ है और इन स्थलों के करीब रह रहे निवासियों के लिए कोई खतरा नहीं है. साथ ही सुरक्षा स्थिति स्थिर है.

‘परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकेगा ईरान’
इजरायल के लगातार हवाई हमले और अमेरिका के B2 बॉम्बर्स से टार्गेटेड हमले के बाद भी ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम, जिसे वो ‘नेशनल इंडस्ट्री’ कहता है, उसे जारी रखेगा. ईरान की परमाणु एजेंसी ने बयान में कहा, "ईरान का एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन ईरान को आश्वस्त करता है कि अपने दुश्मनों की साजिशों के बावजूद, अपने हजारों क्रांतिकारी और वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की कोशिशों से, वह इस नेशनल इंडस्ट्री के डेवलपमेंट को नहीं रोकेगा. जो न्यूक्लियर कार्यक्रम में शहादत देने वालों का परिणाम है."


ट्रंप ने ईरान पर हमले के बाद क्या कहा?
ट्रंप ने सोशल प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ' पर लिखा, "हमने ईरान में तीन न्यूक्लियर साइट्स—फोर्डो, नतांज और एस्फाहान, पर अपना बहुत सफल हमला पूरा कर लिया है. सभी प्लेन अब ईरान के एयर स्पेस से बाहर हैं. हमारे महान अमेरिकी योद्धाओं को बधाई. दुनिया में कोई और सेना नहीं, जो ऐसा कर सकती थी. अब शांति का समय है!" इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह अमेरिका, इजरायल और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक मौका है. ईरान को यह संघर्ष खत्म करने के लिए सहमत होना चाहिए.

डेडलाइन से पहले ही ईरान पर हमले!
इससे पहले, शुक्रवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ईरान को अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत के लिए ज्यादा से ज्यादा दो हफ्ते का समय दिया है.

13 जून को, इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए थे, जिसमें कई बुनियादी ढांचे नष्ट हुए. इसके साथ ही दर्जनों ईरानी सैन्य कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई. इसके जवाब में, ईरान ने इजरायल के कई स्थानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. पिछले 24 घंटों में ईरान के करीब 15 सैनिकों सहित 3 टॉप कमांडर्स मारे गए थे. IDF ने इस संबंध में दावे करते हुए ड्रोन फुटेज भी जारी किए थे.

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‘ट्रंप की धमकी भी शांति की अपील भी’ 
ट्रंप ने B2B बॉम्बर हमले के बाद ईरान से शांति स्थापित करने की अपील करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायली सेना को बधाई दी. उन्होंने चेतावनी दी कि "अगर ईरान ने अब भी शांति नहीं अपनाई तो भविष्य के हमले इससे कहीं ज्यादा भीषण होंगे. अब या तो ईरान में शांति होगी या फिर विनाश." उन्होंने यह भी कहा कि आज रात जो टारगेट चुने गए थे, वे सबसे कठिन थे.

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