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पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में बड़ा आतंकी हमला, PAK Army के काफिले में घुसा विस्फोटकों से भरा वाहन, 13 जवानों की मौत, 35 से ज़्यादा घायल

पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में बड़े आतंकी हमले से हड़कंप मच गया है. यहां फिदायीन हमलावर ने विस्फोटकों से भरा वाहन PAK Army के काफिले में घुसा दिया, जिसमें 13 जवानों की मौत हो गई, वहीं 35 से ज़्यादा घायल हो गए हैं.

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28 Jun 2025
( Updated: 11 Dec 2025
04:57 AM )
पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में बड़ा आतंकी हमला, PAK Army के काफिले में घुसा विस्फोटकों से भरा वाहन, 13 जवानों की मौत, 35 से ज़्यादा घायल
File Photo

पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है. इस हमले में करीब 13 पाकिस्तानी सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य सैनिक और 19 आम नागरिक घायल हुए हैं. इसने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कहा जा रहा है कि विस्फोटकों से भरे वाहन को एक सैन्य काफिले में घुसा दिया गया, जिससे जबरदस्त धमाका हुआ और जवानों की मौत हो गई है.

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों के अनुसार, हमला उस वक्त हुआ जब सेना का काफिला वजीरिस्तान के एक इलाके से गुजर रहा था. धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि आसपास के दो मकानों की छतें गिर गईं, जिसमें छह बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए.

अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जिस इलाके में यह हमला हुआ है, वह पहले से ही आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है. खासतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) यहां लंबे समय से सक्रिय है और पहले भी इसी तरह के आत्मघाती हमले करता रहा है.

 लगातार बढ़ते आतंकी हमले, पाकिस्तान की बढ़ती चिंता

पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से आतंकी हमलों में तेजी आई है. विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत लगातार आतंकवादियों के निशाने पर हैं. जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 में भी TTP से जुड़े 10 संदिग्ध आतंकियों को पाकिस्तानी सेना ने दक्षिण वजीरिस्तान में मार गिराया था. उस वक्त जंडोला चेकपोस्ट के पास फ्रंटियर कोर के कैंप पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई की थी.

एक साल में पाकिस्तानी सेना पर हुए कई घातक हमले

पाकिस्तानी सेना पर पिछले एक साल में कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं. दिसंबर 2024 में अफगान सीमा के पास हुए एक आत्मघाती हमले में 16 सैनिक मारे गए थे और 8 घायल हुए थे. इस हमले की ज़िम्मेदारी टीटीपी ने ली थी. इसके बाद जनवरी 2025 में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच इलाके में 35 हमले करने का दावा किया, जिनमें 94 सैनिकों की मौत की बात कही गई थी. वहीं जून 2025 में ग्वादर के सयाबद इलाके में बलोच आर्मी ने हमला किया, जिसमें 16 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी. वहीं बलूचिस्तान में भी जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को भी हाईजैक कर लिया गया था जिसमें करीब 100 जवानों के मारे जाने का दावा बलूच लिब्रेशन आर्मी ने किया था.

सुरक्षा चुनौती से निपटने में फेल रही PAK Army

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लगातार हो रहे आत्मघाती हमलों और आतंकी गतिविधियों ने पाकिस्तान के लिए सुरक्षा चुनौती को और बढ़ा दिया है. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील इलाकों में स्थिति बेहद नाज़ुक बनी हुई है. ऐसे में ताज़ा हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर करता है. फिलहाल पाकिस्तानी सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया है और तलाशी अभियान जारी है. वहीं स्थानीय लोगों में भी भारी दहशत का माहौल है.

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