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पहले किम जोंग उन ने अमेरिका को हड़काया फिर बहन ने धमकाया, 3 देशों की मिलिट्री ट्रेनिंग पर भड़का नॉर्थ कोरिया

नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन ने कहा है कि, अमेरिका सपने देख रहा है कि नॉर्थ कोरिया परमाणु हथियार छोड़ देगा, लेकिन उसका यह सपना कभी पूरा होने वाला नहीं है.

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15 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:37 AM )
पहले किम जोंग उन ने अमेरिका को हड़काया फिर बहन ने धमकाया, 3 देशों की मिलिट्री ट्रेनिंग पर भड़का नॉर्थ कोरिया

अमेरिका की दादागिरी के आगे अब कई देशों ने झुकना बंद कर दिया है.  आलम ऐसा है कि दुनिया को इशारों पर नचाने वाले अमेरिका को अब कोई भी आकर सुना जाता है. अब परमाणु हथियारों को लेकर नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है और अमेरिका की बड़ी गलतफहमी दूर कर दी. 

नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को साफ कर दिया कि वह अपने परमाणु हथियारों को कभी नहीं छोड़ेगा. नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन ने कहा है कि, अमेरिका सपने देख रहा है कि नॉर्थ कोरिया परमाणु हथियार छोड़ देगा, लेकिन उसका यह सपना कभी पूरा होने वाला नहीं है. परमाणु शक्ति संपन्न होना नॉर्थ कोरिया के कानून में है. 

अमेरिका की मांग खारिज, मिला दो टूक जवाब 

दरअसल, हाल ही में हुई अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में, अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के हथियारों को अवैध बताकर परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग की है. इस पर नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को जवाब देते हुए कहा कि, अमेरिका का यह कदम गंभीर राजनीतिक उकसावे की कार्रवाई है. 

नॉर्थ कोरिया ने कहा, देश के सर्वोच्च और मौलिक कानून में स्थायी रूप से निहित एक परमाणु-सशस्त्र राज्य के रूप में नॉर्थ कोरिया की स्थिति अपरिवर्तनीय हो गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया की तरफ से कहा गया है कि IAEA के पास ‘परमाणु अप्रसार संधि के बाहर मौजूद परमाणु-सशस्त्र देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का न तो कानूनी अधिकार है और न ही नैतिक औचित्य. गौरतलब है कि परमाणु निरीक्षण पर गतिरोध के बाद नॉर्थ कोरिया 1994 में ही IAEA से बाहर हो गया था. नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि, इस एजेंसी का इस्तेमाल वाशिंगटन, उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने के लिए कर रहा है. 

नॉर्थ कोरिया अपने नए बयान में कहा कि, "प्योंगयांग डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया की मौजूदा स्थिति को बदलने के किसी भी कोशिश का विरोध करते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाएगा. 

‘परमाणु परीक्षण जारी रहेगा’

उधर तमाम विरोध के बीच किम जोंग उन देश की आर्म और परमाणु शक्ति को धार देने में जुटे हुए हैं. पिछले हफ्ते ही किम जोंग ने एक हथियार रिसर्च फैसिलिटी क्षेत्र का दौरा किया था. यहां उन्होंने कहा था कि, प्योंगयांग, परमाणु बलों और पारंपरिक सशस्त्र बलों के निर्माण को एक साथ आगे बढ़ाने की नीति पर काम करता रहेगा. 

किम की बहन ने अमेरिका समेत तीन देशों को धमकाया 

किम जोंग उन से पहले उनकी बहन किम यो जोंग ने अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया के ज्वाइंट मिलिट्री एक्शन पर सख्त चेतावनी जारी की थी. किम यो जोंग ने इन देशों को धमकी देते हुए कहा कि अगर मिलिट्री एक्सरसाइज करनी है तो करो, लेकिन एक भी लापरवाही दोनों देशों पर भारी पड़ सकती है. कोई गलती हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. 

क्या है अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया का मिलिट्री ऑपरेशन ? 
बता दें कि अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान प्योंगटेक के कैंप हम्फ्रीज में मिलिट्री एक्सरसाइज करने वाले हैं. साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में यह दोनों देशों के बीच पहली मिलिट्री एक्सरसाइज होगी. 

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ट्रंप ने किम जोंग को बताया था अपना दोस्त 
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन को अपना दोस्त बताया था. उन्होंने कहा था कि, वो किम जोंग को किसी भी और नेता से ज्यादा जानते हैं. ट्रंप ने जल्द ही किम जोंग से मुलाकात के संकेत भी दिए थे. इस बीच साउथ कोरिया के साथ अमेरिका की मिलिट्री डील से नॉर्थ कोरिया भड़का हुआ है. वहीं, साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया एक दूसरे के कट्टर विरोधी हैं. कोरियाई जंग के बाद 1953 में US और साउथ कोरिया के बीच डील हुई थी, जिसके तहत अमेरिका ने उसे नॉर्थ कोरिया से बचाने का वादा किया गया था. इसी के तहत अमेरिका साउथ कोरिया की सुरक्षा करता है. 

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