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भारत-अफगानिस्तान के नए रिश्ते से पाकिस्तान के जले दिल, बलूच विद्रोहियों के हौसले हुए बुलंद, कर दिया बड़ा वादा

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी 9 से 16 अक्टूबर तक भारत दौरे पर हैं. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दौरान अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की और काबुल में फिर से भारत का दूतावास खोलने का ऐलान किया. मुत्तकी की इस यात्रा से जहां पाकिस्तान के दिल में आग लगी है, वहीं बलूच नेताओं के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की है.

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11 Oct 2025
( Updated: 10 Dec 2025
03:10 AM )
भारत-अफगानिस्तान के नए रिश्ते से पाकिस्तान के जले दिल, बलूच विद्रोहियों के हौसले हुए बुलंद, कर दिया बड़ा वादा

भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते फिर से पटरी पर लौट रहे हैं. अफगान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री मुत्तकी की करीब 7 दिनों की यात्रा ने एक तरफ जहां पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा दी है. उसके हौसले पस्त हो गए हैं. वहीं कोई और है जो इस सुधरते संबंधों पर बहुत खुश है. आपको बता दें कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की दिल्ली यात्रा की बलूच नेताओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है. पाकिस्तान से अपनी आजादी और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे बलूचों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि स्वतंत्र 'बलूचिस्तान गणराज्य' अफगानिस्तान को मानवीय सहायता और विकास में मदद के लिए भारत का आभार जताता है.

मीर यार बलूच अफगान विदेश मंत्री की दिल्ली यात्रा से गदगद

मीर यार बलूच के हवाले से सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक 'आजाद बलूचिस्तान' के नेताओं ने भारत की अफगानिस्तान में जारी पहलों और विकास कार्यों की सराहना की है. इसके तहत 20 एम्बुलेंस गिफ्ट, उन्नत विकास कार्यक्रम, हवाई संपर्क का विस्तार और अफगान मरीजों, छात्रों और उद्यमियों के लिए वीजा प्रक्रियाओं का आसान करने जैसे कदम शामिल हैं. इतना ही नहीं बयान में भारत की ओर से काबुल में अपने तकनीकी मिशन को पूर्ण दूतावास का दर्जा दिए जाने का भी स्वागत किया गया है.

पाकिस्तान को घेरने के लिए जरूरी

बयान में आगे कहा गया है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सदियों पुराना संबंध हैं. दोनों एक दूसरे की सभ्यता और सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं. बलोच ने आगे कहा कि काबुल-दिल्ली के स्तर पर बढ़ रहा यह जुड़ाव पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुकाबला करने और क्षेत्रीय शांति स्थापित करने की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए बहुत जरूरी हैं, इससे पाकिस्तान सबक सीखेगा. आपको बता दें कि पाकिस्तानी नियंत्रण के विरुद्ध संघर्ष के बीच अंतर्राष्ट्रीय मान्यता की इच्छुक बलूच सरकार ने अफगानिस्तान की संप्रभुता पर जोर दिया है.

बलूचिस्तानी नेताओं ने कहा है कि एक उभरती हुई क्षेत्रीय शक्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों के स्वाभाविक प्रवेश द्वार के रूप में बलूचिस्तान अफगानियों को यह भरोसा दिलाता है कि पाकिस्तान की सेना को अफगानिस्तान या उसके सहयोगियों को धमकाने के लिए हमारी भूमि का दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा. यह रुख पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देगा.

भारत ने बढ़ाया अफगानिस्तान की मदद में हाथ

भारत अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है. नई दिल्ली ने मानवीय सहायता और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है. अब इन संबंधों को और आगे बढ़ाया जा रहा है. आमिर खान मुत्तकी की भारत यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद की जा रही है.

काबुल में फिर से दूतावास खोलेगा भारत

आपको बताएं कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के भारत दौरे के दौरान कई मुद्दों पर बात हुई. मुत्तकी के साथ मुलाकात में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की और काबुल में फिर से भारत का दूतावास खोलने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता की पुष्टि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

भारत ने अफगानिस्तान को क्या-क्या मदद दी?

अफगानिस्तान के लिए भारत की मदद के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "भारत ने लंबे समय से अफगानिस्तान की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए समर्थन दिया है, जिसमें कोविड महामारी के दौरान भी शामिल है. अब हम छह नई परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसके बारे में हमारी वार्ता के खत्म होने के बाद जानकारी दी जा सकती है. 20 एम्बुलेंस का उपहार सद्भावना का एक और संकेत है, और मैं प्रतीकात्मक कदम के रूप में उनमें से 5 आपको व्यक्तिगत रूप से सौंपना चाहता हूं."

उन्होंने आगे कहा कि भारत अफगानिस्तान के अस्पतालों को एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें भी प्रदान करेगा और टीकाकरण और कैंसर की दवाइयां भी पहुंचाएगा. हमने संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के माध्यम से दवा पुनर्वास सामग्री भी प्रदान की है और आगे भी तैयार हैं.

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पिछले महीने आपदा के कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय राहत सामग्री भूकंप प्रभावित जगहों पर पहुंचा दी गई थी. हम प्रभावित क्षेत्रों में आवासों के पुनर्निर्माण में योगदान देना चाहेंगे. भारत अफगानी लोगों को खाद्य सहायता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण रहा है."

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