Advertisement

'मैं यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आई हूं...', नेपाल में पदभार संभालते ही पीएम सुशीला कार्की ने प्रदर्शन में जान गंवाने वालों को दिया शहीद का दर्जा

नेपाल की नई अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार को सिंह दरबार पहुंचीं और औपचारिक रूप से पदभार संभाला. इस दौरान नेपाल के आर्मी चीफ भी उनके साथ मौजूद रहे. पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में कार्की ने कहा, मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं. हम यहां 6 महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे.

'मैं यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आई हूं...', नेपाल में पदभार संभालते ही पीएम सुशीला कार्की ने प्रदर्शन में जान गंवाने वालों को दिया शहीद का दर्जा

नेपाल में पीएम की पदभार संभालने के बाद सुशीला कार्की ने कहा, 'तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल लोगों की जांच होगी. मेरी टीम और मैं सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं. हम 6 महीने से ज्यादा नहीं रहेंगे और नई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे. जनता के सहयोग के बिना हम सफल नहीं हो सकते.

जेन-जी आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को 'शहीद' का दर्जा 

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया. पदभार संभालते ही उन्होंने जेन-जी आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को 'शहीद' का दर्जा और उनके आश्रितों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की. भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के फैसले के विरोध में हुए आंदोलन के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को देश की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी.

सुशीला कार्की ने शपथ ग्रहण के दो दिन बाद कार्यभार संभाला. उन्होंने रविवार सुबह लैंचौर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने कार्यकाल की शुरुआत की, जिसके बाद वे सिंह दरबार गईं. उन्होंने गृह मंत्रालय के भवन से अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन शुरू किया, क्योंकि पिछले मंगलवार को हिंसक प्रदर्शनों और आगजनी से मुख्य परिसर क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को स्थानांतरित कर दिया गया था.

नेपाल में हालात सामान्य, खुला बॉर्डर 

सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद हालात सामान्य करने की कोशिशें तेज हो गई हैं. करीब 4-5 दिन बाद नेपाल-भारत बॉर्डर आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. अब छोटे वाहनों से लोग आधार कार्ड दिखाकर सीमा पार कर सकते हैं. हालांकि, बड़ी गाड़ियों की आवाजाही अभी भी बंद है क्योंकि भंडार कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे कागजी काम और टैक्स वसूली संभव नहीं है.

सीमा पार करने वाले आम लोगों का कहना है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं. उन्हें अब कम से कम नेपाल जाने की अनुमति मिल रही है. हिंसा में मरने वालों की संख्या 61 हो गई है. काठमांडू के बौद्ध इलाके में भाटभटेनी सुपर स्टोर से आज सुबह छह शव बरामद हुए.

यह भी पढ़ें

 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें