अमेरिका में इन 7 देशों के लोगों की एंट्री पर ट्रंप ने लगाया कंप्लीट बैन, लिस्ट में मुस्लिम कंट्री भी शामिल!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए घोषणापत्र पर साइन कर सात देशों के नागरिकों पर अमेरिकी यात्रा प्रतिबंध बढ़ा दिया है. व्हाइट हाउस के अनुसार यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा, कमजोर जांच व्यवस्था और बढ़ते वीजा ओवरस्टे मामलों को देखते हुए लिया गया है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक नए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर यात्रा प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ा दिया है. इस फैसले के तहत सात और देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश पर सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं. प्रशासन का दावा है कि यह कदम सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, कमजोर जांच व्यवस्था और बढ़ते वीजा ओवरस्टे मामलों को देखते हुए उठाया गया है.
दरअसल, व्हाइट हाउस की ओर से जारी फैक्ट शीट के मुताबिक, यह नई घोषणा पहले से लागू यात्रा प्रतिबंधों का ही विस्तार है. अब कुल मिलाकर 30 से अधिक देशों के नागरिकों पर पूर्ण या आंशिक रूप से अमेरिका में प्रवेश सीमित कर दिया गया है. इसके साथ ही कुछ यात्रा दस्तावेजों के नियमों को और कड़ा किया गया है, जबकि कुछ पारिवारिक वीजा छूटों को भी सीमित किया गया है.
इन देशों पर लगा पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध
नए आदेश के तहत बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है, जिनके नागरिकों का अमेरिका में प्रवेश पूरी तरह निलंबित रहेगा. यह विस्तारित प्रतिबंध एक जनवरी से प्रभावी होगा. इसके अलावा फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वाले व्यक्तियों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों में जारी संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता और उग्रवादी समूहों की सक्रियता के कारण यात्रियों की विश्वसनीय जांच संभव नहीं है. खासतौर पर सीरिया को लेकर कहा गया है कि वर्षों से चली आ रही नागरिक अशांति के चलते वहां पासपोर्ट और नागरिक दस्तावेज जारी करने के लिए पर्याप्त केंद्रीय व्यवस्था मौजूद नहीं है. इसी क्रम में लाओस और सिएरा लियोन पर पहले आंशिक प्रतिबंध लागू थे, लेकिन अब इन्हें भी पूर्ण प्रतिबंध की श्रेणी में डाल दिया गया है. वहीं पहले से ही प्रतिबंधित 12 देशों, अफगानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा.
क्यों उठाया गया यह सख्त कदम?
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले की पृष्ठभूमि में 26 नवंबर को वॉशिंगटन डीसी में हुई एक गंभीर घटना को अहम माना जा रहा है. इस घटना में नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को गोली मार दी गई थी. जांच में सामने आया कि संदिग्ध एक अफगान नागरिक था, जो पहले सीआईए से जुड़ी एक यूनिट के साथ काम कर चुका था. वह 2021 में अमेरिका की वापसी के बाद देश में आया था और इसी साल उसे शरण दी गई थी. प्रशासन ने इस मामले को सख्त आव्रजन नियंत्रण की जरूरत के रूप में पेश किया है. ट्रंप सरकार का कहना है कि मौजूदा प्रणाली में कई खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोग देश में प्रवेश कर जाते हैं. इसी को रोकने के लिए यह कदम जरूरी बताया गया है.
15 देशों पर आंशिक प्रतिबंध लागू
पूर्ण प्रतिबंध के अलावा नए आदेश में 15 देशों पर आंशिक प्रवेश प्रतिबंध भी लगाए गए हैं. इनमें बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला जैसे देश पहले से शामिल थे. अब इस सूची में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोटे डी आइवर, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे को भी जोड़ा गया है. इन देशों के नागरिकों के लिए कुछ विशेष प्रकार के वीजा पर पाबंदियां रहेंगी, जबकि सीमित श्रेणियों में ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. प्रशासन के अनुसार, इन देशों में वीजा ओवरस्टे की दरें ज्यादा पाई गई हैं, खासतौर पर बी-1, बी-2 और छात्र वीजा मामलों में.
तुर्कमेनिस्तान को मिली आंशिक राहत
इस सख्त फैसले के बीच तुर्कमेनिस्तान को कुछ राहत दी गई है. नए आदेश में तुर्कमेनिस्तान के नागरिकों के लिए गैर-आप्रवासी वीजा पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि हालिया समीक्षा के दौरान वहां की वीजा और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में सुधार पाया गया, जिसके चलते यह फैसला लिया गया.
व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान
व्हाइट हाउस ने इस पूरे आदेश का बचाव करते हुए साफ कहा है कि जिन देशों की पर्याप्त स्क्रीनिंग नहीं की जा सकती, वहां से लोगों के प्रवेश को रोकना अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. कई देशों में व्यापक भ्रष्टाचार, अविश्वसनीय दस्तावेज, और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच डेटा साझा न होने को बड़ा खतरा बताया गया है. गृह सुरक्षा विभाग की रिपोर्टों के मुताबिक, बुर्किना फासो, माली, नाइजर और नाइजीरिया जैसे देशों में सक्रिय आतंकवादी खतरे को चिह्नित किया गया है. वहीं कुछ अन्य देशों में वीजा ओवरस्टे की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.
किसको मिलेगी छूट?
हालांकि यह प्रतिबंध पूरी तरह से सभी पर लागू नहीं होगा. आदेश में कुछ श्रेणियों को छूट दी गई है. वैध स्थायी निवासी, मौजूदा वीजा धारक, राजनयिक, अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में हिस्सा लेने वाले एथलीट और वे लोग जिनका प्रवेश अमेरिकी राष्ट्रीय हितों से जुड़ा है, इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे. इसके अलावा मानवीय आधार पर केस-दर-केस छूट का प्रावधान भी रखा गया है. हालांकि परिवार आधारित आव्रजन वीजा के दायरे को सीमित कर दिया गया है, क्योंकि प्रशासन का मानना है कि इनमें धोखाधड़ी का खतरा अधिक होता है.
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बहरहाल, ट्रंप प्रशासन का यह फैसला अमेरिका की इमिग्रेशन नीति को और सख्त बनाता है. समर्थक इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे भेदभावपूर्ण नीति करार दे रहे हैं. आने वाले समय में इस फैसले का वैश्विक राजनीति और अमेरिका की छवि पर क्या असर पड़ेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है.
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