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ढीली पड़ी अमेरिका की अकड़... जयशंकर से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री रुबियो बोले- US के लिए भारत बेहद जरूरी

22 सितंबर को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान हुई.

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23 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:21 AM )
ढीली पड़ी अमेरिका की अकड़... जयशंकर से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री रुबियो बोले- US के लिए भारत बेहद जरूरी
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UNGA2025: हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर तनाव देखने को मिला है. इसी कड़ी में 22 सितंबर को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान हुई. इस बैठक में दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे तक आपसी बातचीत की और दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने पर जोर दिया. बैठक के बाद दोनों की ओर से सकारात्मक बयान सामने आए.

"भारत अमेरिका का अहम साथी है" - मार्को रुबियो

मार्को रुबियो ने मुलाकात के बाद साफ कहा कि भारत अमेरिका के लिए एक बहुत अहम देश है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश कई क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं.  जैसे कि व्यापार (ट्रेड), रक्षा (डिफेंस), ऊर्जा (एनर्जी), दवाएं (फार्मा) और जरूरी खनिज (मिनरल्स). उन्होंने भारत की भागीदारी की तारीफ भी की.

एस. जयशंकर ने क्या कहा?

मुलाकात के बाद एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: "न्यूयॉर्क में मार्को रुबियो से अच्छी बातचीत हुई. हमने भारत-अमेरिका रिश्तों और वैश्विक मामलों पर चर्चा की. आगे भी बातचीत जारी रहेगी."

बीते कुछ महीने रिश्तों के लिए आसान नहीं रहे

यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर तनाव देखने को मिला है. खासतौर पर रूस से भारत द्वारा तेल खरीदने पर अमेरिका ने नाराज़गी जताई थी. ट्रंप प्रशासन ने इस वजह से भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ (कर) लगाया था, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया  जो दुनिया के सबसे ऊंचे टैरिफ़्स में से एक है.

इसके अलावा, ट्रंप ने H1B वीजा पर 1 लाख डॉलर का भारी शुल्क लगाने का एलान किया था, जिससे भारतीय आईटी और मेडिकल प्रोफेशनल्स में काफी चिंता फैल गई थी. इसीलिए इस बार की मुलाकात को रिश्तों में आई थोड़ी खटास को कम करने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है.

व्यापार समझौते की ओर बड़ा कदम

उसी दिन भारत और अमेरिका के बीच एक नए व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत हुई. भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की. दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि वे 2030 तक आपसी व्यापार को 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाएंगे. इससे दोनों देशों को आर्थिक रूप से फायदा होगा और नए व्यापारिक अवसर खुलेंगे. इससे पहले 16 सितंबर को अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधियों की टीम भारत आकर इस मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत कर चुकी है.

विदेश मंत्री जयशंकर की अन्य मुलाकातें

न्यूयॉर्क में रहते हुए जयशंकर ने सिर्फ अमेरिका के नेताओं से नहीं, बल्कि और भी कई देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उन्होंने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से अनौपचारिक बैठक की और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास से भी मुलाकात की. इस बैठक में यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट, ऊर्जा और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. जयशंकर ने अमेरिका में भारत के लिए नामित राजदूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की. गोर ने भी भारत-अमेरिका रिश्तों को और बेहतर बनाने की इच्छा जताई.जयशंकर की न्यूयॉर्क में सबसे पहली मुलाकात फिलीपींस की विदेश सचिव टेरेसा पी. लाजारो से हुई थी. इसके अलावा, जयशंकर 27 सितंबर को UNGA के मंच से दुनिया को संबोधित भी करेंगे.

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भारत और अमेरिका के बीच इस मुलाकात से साफ है कि दोनों देश भले ही कुछ मुद्दों पर मतभेद रखते हों, लेकिन आपसी सहयोग को मजबूत करने की कोशिश लगातार जारी है. खासकर व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और वैश्विक स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों पर मिलकर काम करना दोनों देशों के हित में है. आने वाले समय में हम दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा गहराई से जुड़ते हुए देख सकते हैं.

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