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ट्रेन हाईजैक के बाद बलूचिस्तान में सेना पर हमला, पाकिस्तानी सेना के 90 जवान मारे गए

बलूचिस्तान में हाल ही में हुए एक बड़े हमले ने पाकिस्तान सरकार और सेना की चिंता बढ़ा दी है। पहले ट्रेन हाईजैक और अब पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हुए इस भीषण हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। संगठन ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में पाक सेना के 90 जवानों को मार गिराया गया।

ट्रेन हाईजैक के बाद बलूचिस्तान में सेना पर हमला, पाकिस्तानी सेना के 90 जवान मारे गए
बलूचिस्तान में हाल के दिनों में बढ़ती उग्रवादी घटनाओं ने पाकिस्तान सरकार और सेना की चिंता बढ़ा दी है। पहले ट्रेन हाईजैक की सनसनीखेज वारदात और अब पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हुए भीषण हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना के 90 जवानों को ढेर कर दिया गया है।

कैसे हुआ हमला?

यह घटना बलूचिस्तान के नुश्की इलाके की है, जहां आरसीडी हाईवे पर मिल के पास सेना के काफिले को निशाना बनाया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जैसे ही सेना का काफिला इस इलाके से गुजरा, अचानक सिलसिलेवार कई विस्फोट हुए, जिसके बाद चारों तरफ भारी गोलीबारी शुरू हो गई। यह हमला इतना योजनाबद्ध था कि सेना को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने सड़क किनारे पहले से विस्फोटक लगा रखे थे, जिससे पहला धमाका हुआ और जैसे ही सेना के वाहन रुके, घात लगाकर बैठे BLA के लड़ाकों ने चारों तरफ से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से सेना के जवानों में अफरा-तफरी मच गई।

BLA ने किया बड़ा दावा

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले के कुछ ही घंटों बाद इसकी जिम्मेदारी ली। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने दावा किया कि हमले में पाकिस्तान आर्मी के करीब 90 जवान मारे गए और कई अन्य घायल हुए। उन्होंने बताया कि BLA की फिदायीन इकाई मजीद ब्रिगेड इस हमले को अंजाम देने के लिए तैयार थी और यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित था।

BLA के अनुसार, सेना के काफिले में आठ बसें शामिल थीं, जिनमें से एक बस पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। इसके अलावा, बाकी वाहनों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद BLA के लड़ाके वहां से सुरक्षित निकलने में सफल रहे।

बलूचिस्तान में क्यों बढ़ रही हैं हमले की घटनाएं?

बलूचिस्तान लंबे समय से विद्रोही गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। यह क्षेत्र पाकिस्तान का सबसे बड़ा और संसाधनों से भरपूर इलाका है, लेकिन यहां के स्थानीय लोगों को सरकार से लगातार शिकायत रही है कि उन्हें उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं। बलूचिस्तान में लंबे समय से स्वतंत्रता की मांग उठती रही है, और BLA जैसे संगठन इस संघर्ष को आगे बढ़ा रहे हैं।

BLA का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना और सरकार इस इलाके का दोहन कर रही है और यहां के मूल निवासियों को उनके संसाधनों से वंचित किया जा रहा है। यही कारण है कि हाल के दिनों में इस संगठन ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

हमले के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चश्मदीदों के अनुसार, हमले के बाद इलाके में कई एंबुलेंस और सुरक्षा बलों को तेजी से मूवमेंट करते देखा गया, जबकि आसपास के अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।

पाकिस्तानी मीडिया में भी इस घटना को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना इस हमले की सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है और वास्तविक हताहतों की संख्या को कम करके बताया जा रहा है।

बलूचिस्तान में हाल की बड़ी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब बलूचिस्तान में इस तरह का बड़ा हमला हुआ हो। पिछले कुछ महीनों में BLA और अन्य विद्रोही संगठनों ने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। हाल ही में बलूचिस्तान में उग्रवादियों ने एक ट्रेन को हाईजैक कर लिया था और कई यात्रियों को बंधक बना लिया था। कुछ हफ्ते पहले ग्वादर पोर्ट के पास भी एक आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कई जवान मारे गए थे। फारूकाबाद अटैक की बात करें तो कुछ महीने पहले फारूकाबाद में पाकिस्तानी सेना के ठिकानों पर भी हमला हुआ था, जिसमें दर्जनों सैनिकों की मौत हुई थी।

इस हमले के बाद यह साफ हो गया है कि बलूचिस्तान में विद्रोह अब और तेज हो सकता है। पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ बढ़ती असहमति के चलते इस तरह की घटनाओं में और वृद्धि होने की संभावना है। पाकिस्तान सरकार के लिए यह एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, क्योंकि BLA जैसे संगठन लगातार सेना को निशाना बना रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पाकिस्तान इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या सेना इस बढ़ते विद्रोह को रोकने में सफल हो पाती है या नहीं। फिलहाल, बलूचिस्तान की स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, और आने वाले दिनों में यहां और भी बड़े हमले हो सकते हैं।

बलूचिस्तान में हालिया घटनाएं यह संकेत देती हैं कि पाकिस्तान के अंदरूनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सेना और सरकार के खिलाफ विद्रोही संगठन अब अधिक आक्रामक होते जा रहे हैं। इस हमले ने न केवल पाकिस्तानी सेना की कमजोरी को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि बलूचिस्तान का संघर्ष अब और गंभीर रूप ले सकता है। क्या पाकिस्तान इस संकट से निपटने में सक्षम होगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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