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ट्रेन में सामान की सीमा तय... ओवरवेट लगेज पर लगेगा जुर्माना, सफर से पहले जान लें नया नियम

रेल यात्रा के दौरान तय सीमा से अधिक सामान ले जाने से होने वाली परेशानी को देखते हुए रेलवे ने सख्ती का फैसला लिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि अब अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा.

ट्रेन में सामान की सीमा तय... ओवरवेट लगेज पर लगेगा जुर्माना, सफर से पहले जान लें नया नियम
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Train Luggage Rule Update: भारत में मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाने का सबसे पसंदीदा साधन रेल यात्रा माना जाता है. अक्सर देखा गया है कि जब लोग गांवों से बड़े शहरों की ओर सफर करते हैं, तो निर्धारित सीमा से अधिक सामान साथ लेकर यात्रा करते हैं. इससे अन्य यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत अब रेलवे ने तय सीमा से अधिक सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है.

रेल मंत्री ने क्या कहा?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में स्पष्ट किया है कि ट्रेन में तय सीमा से अधिक सामान ले जाने पर अब यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा. यह जानकारी उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी के सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी के सवाल के लिखित जवाब में दी. रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर श्रेणी के लिए सामान ले जाने की अधिकतम सीमा पहले से तय है और उसका पालन करना जरूरी है.

यात्रियों के लिए रेलवे ने तय की सामान सीमा 

रेल मंत्री के मुताबिक, अलग अलग श्रेणियों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सामान की सीमा भी अलग अलग रखी गई है. द्वितीय श्रेणी के यात्री 35 किलोग्राम तक का सामान निशुल्क ले जा सकते हैं, जबकि शुल्क देकर अधिकतम 70 किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति है. स्लीपर श्रेणी में यह सीमा 40 किलोग्राम निशुल्क और 80 किलोग्राम अधिकतम तय की गई है. एसी थ्री टियर और चेयर कार के यात्रियों के लिए 40 किलोग्राम तक का सामान ही निशुल्क और अधिकतम सीमा भी यही है. वहीं एसी टू टियर और प्रथम श्रेणी के यात्रियों को 50 किलोग्राम तक सामान बिना शुल्क ले जाने की सुविधा दी गई है और शुल्क देकर 100 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकता है. सबसे अधिक राहत एसी प्रथम श्रेणी के यात्रियों को दी गई है, जहां 70 किलोग्राम तक सामान निशुल्क और शुल्क देकर 150 किलोग्राम तक सामान ले जाने की अनुमति है.

रेलवे ने सूटकेस को लेकर दी कैसी अनुमति?

रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों के निजी सामान के आकार को लेकर भी नियम तय हैं. 100 सेंटीमीटर लंबाई, 60 सेंटीमीटर चौड़ाई और 25 सेंटीमीटर ऊंचाई तक के ट्रंक, सूटकेस और बॉक्स को व्यक्तिगत सामान के रूप में डिब्बों में ले जाया जा सकता है. इससे बड़े आकार का सामान डिब्बों में ले जाना नियमों के खिलाफ है. इसके अलावा यदि किसी यात्री का सामान तय सीमा से अधिक और बड़ा है, तो उसे ब्रेकवैन या पार्सल वैन में बुक कराना अनिवार्य होगा. इसके अलावा निजी सामान के नाम पर किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक वस्तु को यात्री डिब्बों में ले जाने की अनुमति नहीं है. रेल मंत्रालय का कहना है कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और ट्रेन यात्रा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगी.

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बताते चलें कि कुल मिलाकर यह फैसला रेल यात्रा को अधिक अनुशासित और आरामदायक बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. यदि यात्री पहले से तय नियमों की जानकारी रखकर यात्रा करें, तो न केवल जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि सहयात्रियों को होने वाली परेशानी भी कम होगी. रेलवे का यह प्रयास आने वाले समय में ट्रेन यात्रा को और सुरक्षित व सुगम बनाने में मददगार साबित हो सकता है.

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