Advertisement

Ajeet Bharti ने रास्ता बना रही महिलाओं का बयां किया दर्द तो सरकार ने दिया क्या जवाब ?

पत्रकार अजीत भारती ने उत्तराखंड के देवलसारी महादेव मंदिर इलाके में सड़क बनाने की उठाई मांग तो धामी सरकार से आया ऐसा जवाब कि खुद अजीत भारती भी खुश हो गये

Ajeet Bharti ने रास्ता बना रही महिलाओं का बयां किया दर्द तो सरकार ने दिया क्या जवाब ?

पहाड़ों पर बसे देवभूमि उत्तराखंड में आज भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां लोगों के पास आने-जाने के लिए रास्ते का अभाव है। एक ऐसा ही इलाका है टिहरी गढ़वाल में देवलसारी महादेव क्षेत्र, जहां ऐतिहासिक मंदिर होने के साथ-साथ एक आबादी वाला क्षेत्र भी है। और सबसे बड़ी बात यह है कि यहां तक पहुंचने के लिए बहुत ही दुर्गम रास्ते हैं, जिसे समतल और आने-जाने लायक बनाने के लिए कुछ महिलाएं और बुजुर्ग खुद ही पहाड़ खोदने में जुट गए हैं।महिलाएं जहां फावड़ा चलाकर पहाड़ काटने में लगी रहीं, तो वहीं बुजुर्ग सिर पर पत्थर रखकर मलबा हटाने में जुटे रहे। ऐसे आधुनिक समय में, जब बड़ी से बड़ी मशीन लगाकर लंबी-लंबी सुरंग खोदी जाती हैं, तो वहीं उत्तराखंड में कुछ महिलाएं और बुजुर्ग खुद ही पहाड़ काटकर रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं। 

जिनकी यह तकलीफ पत्रकार अजीत भारती से नहीं देखी गई और उनकी समस्या को धामी सरकार तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा:

प्रिय पुष्कर सिंह धामी जी, यह देवलसारी महादेव का क्षेत्र है, इस राह पर कोई पेड़ नहीं है कि पर्यावरण को नुकसान हो। फावड़ा चलाती किसी महिला का मायका उस पार है, तो किसी बुजुर्ग के पोते का स्कूल है। आपको पता है कि यह जीवन कितना दुष्कर है। सरकार यहां सड़क नहीं ला पाई। विमल नौटियाल जैसे युवा आपके लोगों तक पीड़ा पहुंचाते रहे, लेकिन अंततः तंत्र का भोथड़ा और सुन्न पड़ा कान उन्हें रोकने में सफल रहा। यह ओडार्सू-बंगसील संपर्क मार्ग है। परिणाम आपके सामने है कि एक तरफ नरेंद्र मोदी जी की बुलेट ट्रेन योजना है, जहां आधुनिक उपकरणों से काम चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ ये हमारी मां-बहन, पिता और दादा हैं जो अपने हाथों से मिट्टी-पत्थर खोदकर, सिर पर बोल्डर रखकर रास्ता खुद ही बना रहे हैं। उत्तराखंड बीजेपी से अनुरोध है कि इस पर ध्यान दें। उत्तराखंड सरकार से विनती है कि स्थानीय NGO के बिके हुए लोगों से रिपोर्ट लेने की जगह किसी को उस जगह पर भेजकर ही सुन लें कि क्या स्थिति है।

पत्रकार अजीत भारती ने देवलसारी महादेव इलाके में सड़क की समस्या को जोर-शोर से उठाया, तो राज्य की धामी सरकार तुरंत एक्शन में आ गई। उनकी शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए, सरकार ने बताया कि सघन वन भूमि, पहाड़ी ढलान के साथ एक के ऊपर एक भुजाओं वाली खड़ी पहाड़ी ढलान पर विचार करते हुए यहां भौगोलिक रूप से सड़क नहीं बनाई जा सकती। हालांकि इसके बावजूद अजीत भारती ने उम्मीद नहीं छोड़ी और धामी सरकार से सड़क बनाए जाने की मांग को दोहराते हुए लिखा:

मुख्यमंत्री कार्यालय का आभार कि उन्होंने संज्ञान लिया है, हालांकि यही उत्तर इस विभाग (PWD) से पहले भी दिया गया है। समस्या यह है कि इस तर्क से चलें तो 80% चट्टानी क्षेत्र वाले इस राज्य में कहीं भी सड़क नहीं होनी चाहिए। अंग्रेजों ने सौ वर्ष पहले, कम संसाधनों में पक्की सड़कें बनवा दीं और यहां एक किलोमीटर सड़क के लिए इंजीनियर साहब ये कह रहे हैं कि जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट नकारात्मक है।

सरकारी अधिकारियों को लताड़ने के साथ ही पत्रकार अजीत भारती ने सीएम धामी से उम्मीद जताते हुए कहा: सीएम पुष्कर सिंह धामी जी से आशा है कि नई निविदा के खुलने पर यह कार्य हो जाएगा। उनके संज्ञान में यह बात है और आचार संहिता हटते ही इस पर कार्य होगा, ऐसा आश्वासन आया है। वस्तुतः इस पूरे क्षेत्र में स्थानीय प्रवास और पर्यटन की बहुत अच्छी संभावनाएं हैं, केवल इसे कुछ अधिकारियों (LO & SS) के कारण वंचित रखा गया है।

जिस सड़क के बारे में पत्रकार अजीत भारती लगातार गुहार लगा रहे हैं, वह सड़क दरअसल देवलसारी महादेव मंदिर को भी जोड़ती है, जो स्थानीय लोगों के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र है। देवलसारी रेंज में खूबसूरत देवदार के पेड़ों के जंगल के बीच में स्थित यह मंदिर इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि यह देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान शिव के शिवलिंग की पूरी परिक्रमा की जाती है। इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है कि जिस जगह पर शिवलिंग है, उसके चारों ओर जलहरि नहीं बनी हुई है। यह वह हिस्सा होता है, जहां से शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाला दूध या जल निकलता है। लेकिन देवलसारी मंदिर में जलहरि न होने की वजह से इस मंदिर की पूरी परिक्रमा की जाती है। जहां यह पौराणिक मंदिर है, उसी इलाके में सड़क को लेकर अजीत भारती ने धामी सरकार से गुहार लगाई है, और यह उम्मीद भी है कि धामी सरकार सड़क बनवा कर ही रहेगी।


यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें