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मौत का केस, 5 साल की जेल… जानलेवा मांझे पर हाई कोर्ट सख्त, जारी किए निर्देश

कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, अगर नाबालिग चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करता है तो दोषी उसके पैरेंट्स होंगे. उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज होगा.

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13 Jan 2026
( Updated: 13 Jan 2026
07:25 AM )
मौत का केस, 5 साल की जेल… जानलेवा मांझे पर हाई कोर्ट सख्त, जारी किए निर्देश

मकर संक्रांति पर आसमान नीली-पीली पतंगों से रंग जाता है. घरों की छतों पर पतंगबाजी का जुनून देखते ही बनता है, लेकिन पतंगबाजी का ये खेल उस वक्त जानलेवा बन जाता है जब पतंग की डोर जिंदगी पर भारी पड़ जाती है. पतंग उड़ाने से ज्यादा पतंग काटने का फितूर चढ़ता है और लोग धागे की जगह खतरनाक चाइनीज मांझा थाम लेते हैं. हर साल पुलिस प्रशासन शहर-शहर चाइनीज मांझे को लेकर कई सख्त निर्देश जारी करता है लेकिन नतीजा वो ही ढाक के तीन पात. इस बार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस खूनी मांझे को लेकर बड़े निर्देश दिए हैं. 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चाइनीज मांझे के लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है. इंदौर खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को चाइनीज मांझे पर जारी प्रतिबंध को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने कहा, अगर चाइनीज मांझे से बच्चा भी पतंग उड़ाते पाया जाता है तो इसके जिम्मेदार पैरेंट्स होंगे. आरोपी के खिलाफ लापरवाही के तहत मौत का केस भी चलेगा. 

सरकार नेे क्या कदम उठाए? कोर्ट ने मांगा जवाब 

हर साल चाइनीज मांझा लाखों पक्षियों और लोगों की जान ले लेता है. इस बार खुद हाईकोर्ट ने जनहित से जुड़े इस मामले में संज्ञान लिया है. कोर्ट ने आम लोगों के बीच इस बात के प्रचार का निर्देश भी दिया कि चीनी मांझे की बिक्री या इस्तेमाल करने वाले आरोपी के खिलाफ लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मौत के तहत केस चलेगा. मामले की सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने की. कोर्ट में सरकार की ओर से पेश वकील ने बताया कि चीनी मांझे के इस्तेमाल और बिक्री रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं. बकायदा अखबारों और न्यूज चैनल्स के जरिए भी सरकारी निर्देशों का प्रचार किया जा रहा है. 

इस पर कोर्ट ने सरकारी वकील से कहा कि कोशिश केवल विज्ञापनों तक नहीं रहनी चाहिए. निर्देशों को तोड़ने पर सख्त एक्शन भी लेना होगा. कोर्ट ने कहा, ये साफ तौर पर प्रकाशित किया जाए कि अगर कोई व्यक्ति चाइनीज मांझे की बिक्री या इस्तेमाल करता हुआ पाया जाता है तो उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (1) (लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मृत्यु) के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है. 

DM शिवम वर्मा ने संभाला मोर्चा 

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वहीं, चाइनीज मांझे के इस्तेमाल को रोकने के लिए इंदौर प्रशासन ने भी मोर्चा संभाल लिया है. इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने पतंग उड़ाने में चीनी मांझे को लेकर एक आदेश जारी कर कहा है, अगर चीनी मांझे से किसी व्यक्ति की मौत होती है या उसे गंभीर चोट लगती है, तो दोषियों पर IPC 2023 की धारा 106(1) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पांच साल तक की जेल और जुर्माने हो सकता है. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 223 के तहत मामले भी दर्ज किए जाएंगे. प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में पिछले कुछ दिनों में चाइनीज मांझे से गला कटने पर 3 लोगों की मौत हो गई. अफसोस की बात ये है कि चाइनीज मांझा पांच साल से बैन है लेकिन फिर भी धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है. 

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