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उत्तराखंड को इन तीन सालों में क्या मिला ये है पूरा ब्योरी

उत्तराखंड सरकार के दूसरे साल के तीन साल होने पर धामी ने अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत उत्तराखंड जल्द ही देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल होगा.

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24 Mar 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:12 AM )
उत्तराखंड को इन तीन सालों में क्या मिला ये है पूरा ब्योरी

देवभूमि उत्तराखंड, जिसके लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का है, और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना है, आज जब उत्तराखंड सरकार के दूसरे कार्यकाल के तीन साल हो चुके हैं, तो ये समझ भी आ रहा है। इन तीन सालों में सीएम धामी के नेतृत्व में किए गए काम देवभूमि में बाहर से आने वालों को भी पता चल रहे हैं। हर साल होने वाली चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार सभी ज़रूरी कदम उठाती हुई नजर आई। साल दर साल इस यात्रा को और सुगम बनाने की कवायद तेज़ होती चली गई। अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी तैयारियां यात्रा से पहले ही पूरी करने पर जोर दिया गया। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए, इस पर भी ध्यान दिया ताकि जो लोग उत्तराखंड निवासी हैं, उन्हें भी कोई असुविधा न हो। इस साल भी यात्रा होनी है और उसके लिए तीन महीने पहले ही सीएम ने सभी तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिया था।

इसके अलावा इन तीन सालों में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC, भू-कानून, दंगा निरोधक कानून और नक़ल विरोधी कानून को लागू कर उत्तराखंड के लोगों को नई दिशा दी गई। इनमें से सबसे बड़ी बात ये कि उत्तराखंड ऐसा पहला राज्य बना, जहां UCC सफलतापूर्वक लागू हुआ। ये किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं था। इन कानूनों के लागू होने में कई रुकावटें आईं, लेकिन राज्य के सभी लोगों को एक समान हक दिलवाना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक रहा और इसके लागू होने से समानता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलने की दिशा में राज्य ने तेज़ी से कदम आगे बढ़ाए। भू-कानून में किए गए संशोधनों से राज्य में बाहरी लोगों ने जो अवैध कब्जा पहाड़ी लोगों की ज़मीनों पर कर रखा था, उसपर रोक लगाई गई, और पहाड़ पर रहने वालों को उनका हक वापस मिल सका। वहीं, दंगा निरोधक कानून से राज्य में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया ताकि किसी भी राज्य संपत्ति का नुकसान न होने पाए, और जो ये करने की हिमाकत भी करे, तो उसे ऐसी सजा मिले कि उसकी सात पुश्तें याद रखें। नक़ल विरोधी कानून से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर लगाम लगाई जा सके और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता हो।

इसके अलावा जिहादियों की कमर तोड़ने का काम भी सरकार की तरफ से इन तीन सालों में जारी रहा। थूक जिहाद हो या लव जिहाद फैलाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की गई। इसी के साथ अवैध मज़ारों और मदरसों के खिलाफ अभियान ने राज्य के लोगों की लैंड जिहाद की समस्या को भी खत्म करने का काम शुरू किया।

अब से सभी कार्य किए गए, लेकिन इन्हें आगे भी जारी रखने पर जोर दिया जाएगा, ये भी सीएम धामी ने कहा है, ताकि देवभूमि के लोगों को जो नया जीवन मिला और देश के एक सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की दिशा में एक नया कदम आगे बढ़ाया गया, वो ऐसे ही जारी रहे।

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