Advertisement

उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर 32 नेपालियों को छुड़ाया ! बंधक बनाकर रखे गये थे !

नौकरी का झांसा देकर फ़्रॉड करना, किसी का ग़लत इस्तेमाल करना, किसी से पैसे ऐंठ लेना…ये अब आम बात हो गई है, मामला उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर से सामने आया है जहां पर 32 नेपाली युवकों को बंधक बनाकर रखा दिया था, इनमें तीन नाबालिग भी बताए जा रहे हैं। एक घर से हाल ही में इन्हें बरी कराया गया.

Author
23 Jun 2025
( Updated: 10 Dec 2025
11:07 PM )
उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर 32 नेपालियों को छुड़ाया !  बंधक बनाकर रखे गये थे !

उत्तराखंड के काशीपुर में एक सनसनीखेज खुलासे ने सबको चौंका दिया है. नौकरी का झांसा देकर 32 नेपाली युवकों को बंधक बनाया गया था, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं. उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इन नेपाली लोगों को आज़ाद कराया, क्या है ये पूरी ख़बर, कैसे इन नेपाली युवकों को छुड़ाया गया और कैसे इन्हें बंधक बनाया गया था ? आइये विस्तार से इस रिपोर्ट में जानिये.

32 नेपाली युवकों को बंधक बनाकर रखा

नौकरी का झांसा देकर फ़्रॉड करना, किसी का ग़लत इस्तेमाल करना, किसी से पैसे ऐंठ लेना. ये अब आम बात हो गई है, ख़बर को आगे बढ़ाने से पहले आपको सतर्क करना चाहूंगी की किसी भी झाँसे में ना आयें, पहले अच्छे से पड़ताल करे, अपना दिमाग़ लगाए, खूब सारे सवाल करें, आपके दिल का एक कोना भी अगर कहे कि नहीं इसमें कुछ पेंच हो सकता है तो वहीं रूक जाएँ. 

खैर, वापस आते हैं ख़बर पर…मामला उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर से सामने आया है जहां पर 32 नेपाली युवकों को बंधक बनाकर रखा दिया था, इनमें तीन नाबालिग भी बताए जा रहे हैं. एक घर से हाल ही में इन्हें बरी कराया गया. आकर्षक नौकरियों का लालच देकर इन्हें भारत बुलाकर कथित तौर पर चार महीने तक बंधक बनाकर रखा गया. इतना ही नहीं आरोप है कि इनके साथ मारपीट कर इनसे 20-30 हज़ार रूपये प्रति युवक से छीन भी लिये गये.पीड़ितों ने ख़ुद बताया कि उनसे 10,000 से 30,000 रुपये की उगाही की गई और कंपनी के उत्पाद बेचने के लिए मजबूर किया गया. मना करने पर मारपीट और धमकियों का सिलसिला चलता था.

नेपाली युवकों को बचाने के लिए चलाया गया ऑपरेशन

नेपाली युवकों को आज़ाद कराने और सकुशल अपने घर वापस भेजने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन चलाया था.उत्तराखंड पुलिस, नेपाल दूतावास, और सामाजिक संगठन KIN इंडिया ने मिलकर एक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जिसकी मदद से इन्हें आज़ाद कराया जा सका. ये 32 नेपाली युवक, जिनमें तीन नाबालिग शामिल हैं, नेपाल के अलग अलग जिलों से आए थे. इन्हें दिल्ली की एक कंपनी, लीड विजन ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, के लिए काम करने का लालच दिया गया था. लेकिन हकीकत में, इन युवकों से इनके सारे पैसे छीनकर और उन्हें बंधक बनाकर कंपनी के उत्पाद बेचने के लिए मजबूर किया गया. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों वीरेंद्र शाही, सचिन कुमार, और मनीष तिवारी को गिरफ्तार किया है. ये लोग दिल्ली के जनकपुरी स्थित कंपनी के लिए काम करते थे और युवकों को नौकरी का झांसा देकर फंसाते थे.

नेपाली दूतावास ने की उत्तराखंड पुलिस की तारीफ

यह भी पढ़ें

आपको बता दें कि नेपाल दूतावास ने उत्तराखंड पुलिस और KIN इंडिया की तारीफ की है और कहा है कि भारत में रहने वाले नेपाली नागरिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है. इस ऑपरेशन ने एक बार फिर मानव तस्करी और नौकरी के नाम पर हो रहे शोषण पर सवाल उठाए हैं. खैर, फ़िलहाल इन 32 युवकों का सकुशल बरामद होना ख़बर मात्र नहीं है. इस ख़बर ने एक बार फिर नौकरी के नाम पर होने वाले शोषण को उजागर किया है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें