स्वामी अवधेशानंद ने की सीएम योगी की तारीफ, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर जमकर भड़के

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद ने महाकुंभ की व्यवस्था को लेकर सीएम योगी की जमकर तारीफ़ की। इसके साथ ही योगी सरकार के ख़िलाफ़ साज़िश रचने वाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर जमकर भड़के. और कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए सरकार की निंदा कर रहे हैं

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04 Feb 2025
( Updated: 11 Dec 2025
12:16 AM )
स्वामी अवधेशानंद ने की सीएम योगी की तारीफ, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर जमकर भड़के
महाकुंभ में मौनी अमावस्या से पहले मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत के मामले में कई खुलासे हो रहे हैं। जो घटना को साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।यही वजह है कि साजिशकर्ताओं की कमर तोड़ने के लिए सीएम योगी अपने धाकड़ अधिकारियों के साथ ख़ुद कुंभ के मैदान में उतर चुके हैं। वॉर रूप से एक एक तस्वीर पर नज़र भी रख रहे हैं। और पिछली तस्वीरों को भी खंगाल रहे हैं। जिससे जल्द ही एक बड़ा खुलासा होने वाला है।और साधु संतों पर भी नकेल कसी जाने वाली है जो योगी को बदनाम करने के मक़सद से साजिश के तार बुनने बैठ गए थे। इन्हीं नामों में एक नाम है शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद। जिन्होंने 30 लोगों की मौत के लिए सीधे सीधे योगी सरकार को निशाना बनाकर सीएम योगी का इस्तीफ़ा ही माँग लिया। लेकिन योगी एक्शन लेते ना लेते। कुंभ में बैठे हजारों लाखों साधु संतों ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की हेकड़ी निकालकर रख दी। नौबत ये आ गई अब ख़ुद उनका पद छिन सकता है। क्योंकि शंकराचार्य को लेकर साधु संतों ने जो खुलासा किया है। उससे देशभर का हिंदू समाज भड़क उठा है। इसी बीच जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि मैदान में आए। और योगी आदित्यनाथ के साथ खड़े होकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की एक झटके में बोलते बंद कर दी। क्योंकि महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि कुंभ में इस बार जो व्यवस्थाएँ हुई। पहले कभी नहीं हुई। लेकिन कुछ लोग साज़िश रच रहे हैं।


अवधेशानंद गिरि महाराज योगी आदित्यनाथ और उनके कामकाजों की तारीफ़ करने में यही नहीं रूके।आगे उन्होंने अखिलेश यादव को भी आईना दिखाया और बताया कि पिछली बार के इस बार व्यवस्थाएँ बेहतर हैं।

योगी आदित्यनाथ का इस्तीफ़ा माँगने वाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बुरी तरह चारों तरफ़ से फँसते हुए नज़र रहे हैं। क्योंकि एक दो नहीं। तमाम संत योगी की ढाल बनकर विरोधियों के ख़िलाफ़ मैदान में कूद आए हैं। अखाड़ा परिषद ने तो छूटते ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की वसीयत को फ़र्ज़ी बता दिया था। उनके पद की जाँच की माँग उठा डाली थी। इसके साथ ही साथ योग गुरू बाबा रामदेव ने भी शंकराचार्य की जमकर आलोचना की। आरोप लगाए जो रहे हैं कि शंकराचार्य कांग्रेस के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि वो कुंभ में बैठकर योगी सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन चारों तरफ़ से विरोध शुरू हुआ तो ख़ुद ही घुटनों में आ गए।

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