Advertisement

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर रोहिणी के आरोपों को लेकर अपर्णा यादव का बयान, कहा- मामले की होनी चाहिए जांच

अपर्णा यादव ने कहा, "जब भी किसी व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप लगते हैं, तो यह जांच का विषय होता है. हमारी प्राथमिकता है कि पहले शिकायत की पुष्टि हो और तथ्यों की जांच की जाए. अगर हमारे पास शिकायत आती है, तो मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूंगी कि दोषी को सजा मिले. लेकिन, बिना जांच के किसी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं होगा. आयोग ने इस मामले में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन यदि शिकायत प्राप्त होती है, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा."

Author
25 Jun 2025
( Updated: 11 Dec 2025
05:05 AM )
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर रोहिणी के आरोपों को लेकर अपर्णा यादव का बयान, कहा- मामले की होनी चाहिए जांच

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और रोहिणी से जुड़े मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी गहन जांच की आवश्यकता है.

चंद्रशेखर और रोहिणी मामले की होगी जांच

अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि यदि रोहिणी या संबंधित पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत आयोग को प्राप्त होती है, तो मामले की पुष्टि होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. अभी तक रोहिणी की ओर से कोई शिकायत आयोग के पास नहीं पहुंची है.

बिना जांच के नहीं होगी कार्रवाई

अपर्णा यादव ने कहा, "जब भी किसी व्यक्ति पर इस तरह के गंभीर आरोप लगते हैं, तो यह जांच का विषय होता है. हमारी प्राथमिकता है कि पहले शिकायत की पुष्टि हो और तथ्यों की जांच की जाए. अगर हमारे पास शिकायत आती है, तो मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूंगी कि दोषी को सजा मिले. लेकिन, बिना जांच के किसी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं होगा. आयोग ने इस मामले में अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन यदि शिकायत प्राप्त होती है, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा."

दोनों पक्षों की बात सुनकर ही निकलेगा कोई निष्कर्ष

उन्होंने इस मामले को निष्पक्षता के साथ देखने की बात कही और बताया कि आयोग का दायित्व है कि वह दोनों पक्षों की बात सुने. अपर्णा यादव ने कहा, "आज के समय में हमें यह समझना होगा कि केवल एक पक्ष को सुनकर निर्णय नहीं लिया जा सकता. चाहे महिला हो या पुरुष, दोनों के दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर जांच की जानी चाहिए. यदि कोई महिला प्रताड़ित हो रही है, तो यह गंभीर मामला है, लेकिन यह भी देखना होगा कि क्या वास्तव में ऐसा हुआ है. दोनों पक्षों की बात को सुनकर ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है."

यह भी पढ़ें

उन्होंने यह भी बताया कि आयोग ने इस मामले में अपनी प्रारंभिक जांच की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस शिकायत सामने नहीं आई है. यदि कोई शिकायत दर्ज होती है, तो आयोग तुरंत इस पर कार्रवाई करेगा और मामले की तह तक जाएगा. ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें