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झांसी हादसे में आग लगने का हुआ खुलासा, इस बड़ी लापरवाही की वजह से लगी आग

Jhasi Accident: जिलाधिकारी सहित प्राशाहन के आला अधिकारी मौजूद रहे। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया है। कई थानों की पुलिस फाॅर्स भी मोके पर बुलानी पड़ी। अभी तक प्रशाशन की और से 10 बच्चो की मौत की पुष्टि की गई है।

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16 Nov 2024
( Updated: 11 Dec 2025
02:26 AM )
झांसी हादसे में आग लगने का हुआ खुलासा, इस बड़ी लापरवाही की वजह से लगी आग
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Jhasi Accident: स्थानीय मेडिकल कॉलेज के बच्चों के वार्ड में शुक्रवार देर रात आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है।  इस भयानक अग्निकांड में 10 नवजात बच्चों की जलकर मौत हो गई है।चाइल्ड वार्ड की खिड़की तोड़कर कई बच्चों को निकाला।जिलाधिकारी सहित प्राशाहन के आला अधिकारी मौजूद रहे। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया है।  कई थानों की पुलिस फाॅर्स भी मोके पर बुलानी पड़ी। अभी तक प्रशाशन की और से 10 बच्चो की मौत की पुष्टि की गई है।इनमे 7 बच्चो की पहचान भी कर ली गई है।

वही इस आग लगने की घटना को लेकर अलग अलग खबर आ रही है ,हमीरपुर के रहने वाले भगवन दास उन लोगों में से जिनके बेटे का बेटा अस्पताल में भर्ती था , उनका कहना है की शुक्रवार रात जब आग लगी तो भगवन दास वार्ड में ही मौजूद थे। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भले ही आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बतायी गई है लेकिन भगावन दास ने इस मामले को कुछ और ही बताया है , उन्होंने बताया की बच्चो के वार्ड में एक ऑक्सियजन सिलिंडर के पाइप को लगाने के लिए नर्स ने माचिस की तिल्ली जलायी।जैसे ही उसकी तीली जली पूरे वार्ड में आग लग गई।

कई दिनों से सिलिंडर था एक्सपायर

इस मेडिकल कॉलेज में इतनी ज्यादा लापरवाही है की आग लगने पर न तो सिलिंडर काम आया और न ही फायर अलार्म बजा।  वही आपको बता दे, सिलिंडर में फाइलिंग डेट पर गौर किया तो आखिरी फिलिंग डेट 2019 थी और 2020 एक्सपायरी डेट थी।  इसका मतलब तो यही है की फायर एक्सटिविशनर को एक्सपायर हुए साल हो चुके है। और सिर्फ अस्पताल में दिखावा करने के लिए रखा गया था सिलिंडर। 

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सीएम योगी ने दिया जांच का आदेश 

इस बीच, प्रदेश के cm योगी ने घटना का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक   और प्रमुख सचिव को झांसी के लिए रवाना कर दिया है।  इसके साथ ही सीएम ने झांसी कमिश्नर और DIG को घटना का आदेश देने के लिए आदेश दिए है। इन अफसरों को 12 घंटे की रिपोर्ट देनी होगी।  महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज बुंदेलखंड का सबसे बड़ा अस्पताल है।     

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