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Uttarakhand के सीमांत गांवों में अब पर्यटकों के लिए चलेंगे Helicopter, सरकार का बड़ा ऐलान !

उत्तराखंड की धामी सरकार ने किया बड़ा ऐलान, ITBP से समझौते के बाद अब ओम पर्वत, आदि कैलाश जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए पर्यटकों को मिलेगी हेलिकॉप्टर की सुविधाएं

Uttarakhand के सीमांत गांवों में अब पर्यटकों के लिए चलेंगे Helicopter, सरकार का बड़ा ऐलान !

देवभूमि उत्तराखंड की सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिए उत्तराखंड की झोली भरी जा सकती है। पहाड़ों में बसे उत्तराखंड में कई मठ-मंदिरों के साथ ही एडवेंचर के भी अच्छे स्कोप हैं। इसीलिए खुद सीएम धामी लगातार पर्यटन पर जोर दे रहे हैं, ताकि भारी संख्या में पर्यटक देवभूमि उत्तराखंड की ओर रुख करें। इसी सिलसिले में नए साल के पहले ही दिन धामी सरकार ने सीमा पर तैनात ITBP के साथ एक ऐसा करार किया है, जिससे अब सीमांत गांवों में घूमने के लिए पर्यटकों को हेलिकॉप्टर की सुविधा मिल सकेगी।

दरअसल, देवभूमि उत्तराखंड में उत्तरकाशी, चमोली, और पिथौरागढ़ जैसे तीन जिले चीन के कब्जे वाले तिब्बत की सीमा से लगते हैं। यही वजह है कि यहां भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों की तैनाती रहती है। और अब यही जवान सुरक्षा के साथ-साथ आदि कैलाश, ओम पर्वत, टिम्मरसैन महादेव मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर घूमने आ रहे पर्यटकों की मदद भी करेंगे। क्योंकि उत्तराखंड की धामी सरकार ने ITBP के साथ एक समझौता किया है, जिसके बारे में उत्तराखंड के जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट में बताया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की मौजूदगी में उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड और मुख्यालय उत्तरी सीमांत, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, गृह मंत्रालय के बीच उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक MoU साइन किया गया है।

तो वहीं इस समझौते के बारे में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया...

"भारत सरकार के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट 'वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के तहत सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही ग्रामीणों की आजीविका के लिए संसाधन उपलब्ध कराना भी मुख्य उद्देश्य है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड की ओर से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीमांत क्षेत्र में हेली सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्र में आदि कैलाश, ओम पर्वत, तिम्मरसैंण महादेव जैसे प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां दुर्गम रास्तों के कारण पर्यटकों को पहुंचने में असुविधा होती है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पर्यटकों को हेली सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कार्यक्षेत्र में उपलब्ध हेलीपैडों का इस्तेमाल किया जाएगा।"

ITBP के साथ हुए इस समझौते के मुताबिक, पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वाइब्रेंट विलेज में रहने वाले ग्रामीणों को भी आपातकालीन चिकित्सा और दवाइयां उपलब्ध करवाने के साथ-साथ हायर सेंटर ले जाने के लिए भी ITBP के हेलीपैड का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से जहां आपात स्थिति में सीमांत गांव के मरीजों को हेलिकॉप्टर की सुविधा मिल सकेगी, वहीं आदि कैलाश, ओम पर्वत, हेमकुंड साहिब, टिम्मरसैंण महादेव मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। उनके पास दुर्गम रास्तों से जाने के अलावा हेलिकॉप्टर से जाने का भी विकल्प होगा, जिससे वे केदारनाथ की तरह इन मंदिरों तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे।




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