मध्य प्रदेश: 23 जिलों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश के दौर ने जोर पकड़ लिया है. मौसम विभाग ने राज्य में तेज बारिश के चलते कई हिस्सों में बाढ़ के हालात बनने की चेतावनी जारी की है.

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24 Jul 2025
( Updated: 07 Dec 2025
08:18 PM )
मध्य प्रदेश: 23 जिलों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बारिश हो रही है. नदी-नाले उफान पर हैं, जिसका जनजीवन पर असर पड़ रहा है. इसे देखते हुए, राज्य के 23 जिलों में अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की गई है.जानकारी के अनुसार राज्य में इस बार मानसून मेहरबान है, अधिकांश हिस्सों में औसत से भी ज्यादा बारिश हो चुकी है. आंकड़े बताते हैं कि इस बार अब तक 21 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो औसत बारिश से 7.3 इंच अधिक है.

मौसम विभाग ने दी जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक बार फिर बारिश के दौर ने जोर पकड़ लिया है. इससे कई मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो रहा है. नदी नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है. ओरछा और झांसी के बीच सातार नदी का जल स्तर बढ़ने पर आवागमन बाधित है.

इसी तरह सागर के बीना में कई क्षेत्रों में सड़कों का पानी घरों में भर गया है. मौसम विभाग ने राज्य में तेज बारिश के चलते कई हिस्सों में बाढ़ के हालात बनने की चेतावनी जारी की है. राज्य में अब तक सबसे अधिक बारिश निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है.

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कई जगहों पर 10 इंच से भी कम बारिश
वहीं, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अब तक 10 इंच से भी कम बारिश हुई है. राज्य में आगामी 24 घंटे में राज्य के पूर्वी हिस्से के अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवानी, शहडोल, सीधी और उमरिया जिलों में बारिश के चलते अचानक बाढ़ की हालत बन सकती है.
इसी तरह के हालात पश्चिम मध्य प्रदेश के अशोक नगर, गुना, रायसेन, शिवपुरी, और विदिशा में भी अचानक बाढ़ की हालत बनने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह चेतावनी जारी की है.

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