Advertisement

क्या BJP सांसद ने कर दी Yogi से बगावत, आखिर क्यों दिलाई 3 साल पुरानी ‘वो बात’ ?

BJP ने अपने चार बार के विधायक का टिकट काट कर गोरखपुर विधानसभा सीट से योगी को चुनाव लड़ाया था जिसके बाद चुनावी नतीजे आए तो योगी ने एक लाख से भी ज्यादा वोटों से जीत हासिल की, करीब तीन साल पुराना ये सियासी किस्सा आज हम आपको इसलिये सुना रहे हैं क्योंकि जिस बीजेपी नेता ने योगी के लिए अपनी सीट छोड़ी थी अब उसी नेता ने योगी के खिलाफ बगावत कर दी है !

क्या BJP सांसद ने कर दी Yogi से बगावत, आखिर क्यों दिलाई 3 साल पुरानी ‘वो बात’ ?
उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद रहे योगी आदित्यनाथ को जब बीजेपी आलाकमान ने साल 2017 में पहली बार यूपी का मुख्यमंत्री बनाया तो उन्हें सांसदी पद से इस्तीफा देना पड़ा। क्योंकि मुख्यमंत्री बनने के लिए एमएलसी या विधायक होना जरूरी होता है। और योगी ने एमएलसी का रास्ता चुना।इसके बाद साल 2022 में जब दोबारा विधानसभा चुनाव हुआ तो मुख्यमंत्री योगी ने भी चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया। और बीजेपी ने उन्हें अपने ही चार बार के विधायक का टिकट काट कर गोरखपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया। जिसके बाद चुनावी नतीजे आए तो योगी ने एक लाख से भी ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। करीब तीन साल पुराना ये सियासी किस्सा आज हम आपको इसलिये सुना रहे हैं। क्योंकि जिस बीजेपी नेता ने योगी के लिए अपनी सीट छोड़ी थी। अब उसी नेता ने योगी के खिलाफ बगावत कर दी है।

कभी संसद में। तो कभी सड़कों पर नजर आ रहे नेता जी का नाम है राधा मोहन दास अग्रवाल। जिन्हें साल 2002 में पहली बार योगी ने ही बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ाया था और चुनाव जीत कर वो विधायक बने थे। साल 2002 से साल 2022 तक लगातार बीस साल। गोरखपुर सीट से विधायक रहे।


लेकिन साल 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें योगी आदित्यनाथ के लिए अपनी सीट छोड़नी पड़ी।और इसी सीट से योगी विधायक बने।तो वहीं राधा मोहन दास अग्रवाल को पार्टी ने राज्य सभा भेज दिया। लेकिन लगता है सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल का मन राज्य सभा में नहीं लग रहा है। इसीलिये 17 फरवरी को उन्होंने 7 फरवरी साल 2022 के चुनाव प्रचार की एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिख दिया।"आज से तीन साल पहले गोरखपुर शहर विधानसभा का टिकट हमसे लेकर योगी आदित्यनाथ को दिया गया, चुनाव के दौरान घोसीपुरवा में उनका प्रचार करते हुए"

बीजेपी सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने योगी के लिए चुनाव प्रचार करने की करीब तीन साल पुरानी वीडियो शेयर की तो तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा "किस अंहकार में हो महोदय, किस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हो वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री के लिए और इतने ही बड़का घमंड वाले हो तो 2027 में निर्दलीय लड़ना योगी जी के सामने"

एक और सोशल मीडिया यूजर ने राधामोहन दास अग्रवाल को याद दिलाया कि बदले में राज्यसभा की सीट भी तो मिली है

महेंद्र प्रताप सिंह नाम के एक यूजर ने तो साल 2002 की बात याद दिलाते हुए लिखा।" ये भी बता दो कि पहली बार बीजेपी कैंडिडेट को हराकर तुम्हें MLA किसने बनाया था"

रंजीत सिंह नाम के एक यूजर ने नसीहत दे डाली कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के लिए शब्दों की मर्यादा तो रखें सर।

अनुराग वेद नाम के एक ABVP कार्यकर्ता ने लिखा " पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है, आपकी सादगी आधारभूत स्तर को परिभाषित करती है, दुनिया क्या समझेगी कि आपके गोरखपुर के विधायक रहते हुए मिलना आसान हुआ करता था, अब तो प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ता है, एक मुख्यमंत्री को MLC व प्रधानमंत्री को राज्यसभा का सदस्‍य ही रहना ​​चाहिए "

बीजेपी सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने पहले तो योगी आदित्यनाथ को सिर्फ योगी आदित्यनाथ संबोधित किया। ना तो सम्मानपूर्वक जी लगाना बेहतर समझा और ना ही माननीय जैसे शब्द। और दूसरी बात ये रही कि साल 2022 की वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने इस बात पर भी खासतौर पर जोर दिया कि उनका टिकट काट कर योगी को दिया गया था। जिसे देख कर लग रहा है कि राधा मोहन दास अग्रवाल कहीं ना कहीं ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने अपनी सीट योगी के लिए छोड़ कर कोई अहसान किया है। इसीलिये योगी समर्थकों ने उनके खिलाफ हल्ला बोलते हुए चैलेंज दे दिया कि इतना ही घमंड है तो 2027 में निर्दलीय लड़ लेना योगी जी के सामने। हालांकि जब बवाल मचा तो राधा मोहन दास अग्रवाल ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी। वैसे एक बात और आपको बता दें। इससे पहले भी योगी और राधामोहन दास अग्रवाल के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर राधा मोहन ने एक बार कानून व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ ट्वीट कर दिया था जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। इसके चलते पार्टी ने इन्हें शोकॉज नोटिस भी जारी किया था। इसी तरह एक बार भ्रष्टाचार के मामले में एक इंजीनियर पर कार्रवाई न होने के मुद्दे पर भी अपनी ही सरकार से भिड़ गए थे। ऐसे में आपको क्या लगता है। क्या एक बार फिर दिल्ली में बैठने वाले गोरखपुरिया राधामोहन दास अग्रवाल और सीएम योगी के बीच जंग छिड़ सकती है। 

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें