दिल्ली में बाढ़ का खतरा! हथिनीकुंड बैराज के 18 गेट खोले गए, छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी, यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से पार

लगातार हो रही बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 19 अगस्त तक 206 मीटर तक पहुंचने की आशंका है, जो 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर जाएगा. केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा रविवार को जारी एक एडवाइजरी जारी कर यह बात कही गई है.

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18 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:54 AM )
दिल्ली में बाढ़ का खतरा! हथिनीकुंड बैराज के 18 गेट खोले गए, छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी, यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से पार

दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. एक तरफ बारिश की वजह से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया है. वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो 19 अगस्त की देर रात तक दिल्ली पहुंच जाएगा. बता दें कि हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं, जो यमुना के जलस्तर बढ़ने का बड़ा कारण है.

लगातार बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में यमुना का जलस्तर 19 अगस्त तक 206 मीटर तक पहुंचने की आशंका है, जो 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर जाएगा. यह बात केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा रविवार को जारी एडवाइजरी में कही गई है.

एडवायजरी में क्या कहा गया है?

एडवाइजरी में कहा गया है, 'आज 17 अगस्त को हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा और ऊपरी यमुना क्षेत्र में भारी वर्षा को देखते हुए, यह सूचित किया जाता है कि दिल्ली रेलवे पुल पर जल स्तर 19 अगस्त 2025 को देर रात लगभग दो बजे 206.00 मीटर को पार कर सकता है.' सीडब्ल्यूसी ने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों से बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है.

हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया सबसे ज्‍यादा पानी!

केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, 'जल स्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाना है.' बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से इस सीजन में सबसे अधिक मात्रा में लगभग 1,27,030 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि वजीराबाद से हर घंटे 45,620 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. दोनों बैराज से छोड़ा गया पानी आमतौर पर 48 से 50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है.

प्रशासन ने शुरू की तैयारी

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दिल्ली में दो साल पहले आई बाढ़ अब भी लोगों के ज़ेहन में जिंदा है. उस वक्त यमुना का पानी कई इलाकों में घुस गया था और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. हालात ऐसे हो गए थे कि नदी किनारे रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा था.
शनिवार शाम करीब 7 बजे यमुना का जलस्तर चेतावनी स्तर पार करते हुए पुराने रेलवे पुल पर 204.60 मीटर तक पहुंच गया. दिल्ली में चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 205.33 मीटर है और 206 मीटर पर लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है. पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ जोखिम की निगरानी के लिए प्रमुख निरीक्षण बिंदु माना जाता है. ऐसे में तमाम बिंदुओं को देखते हुए इस बार हालात न बिगड़ें, इसके लिए प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है.

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