Advertisement

चमोली: पर्यटकों के लिए खुली स्वर्ग सी सजी फूलों की घाटी, हर 15 दिन में करती है नया शृंगार

वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की वन क्षेत्र अधिकारी चेतना काण्डपाल की अगुवाई में इस नंदन कानन को सैलानियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खोल दिया गया. उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे घाटी के प्रवेश द्वार के औपचारिक पूजन के बाद सैलानियों के लिए इसे खोल दिया गया.

Author
01 Jun 2025
( Updated: 11 Dec 2025
03:25 AM )
चमोली: पर्यटकों के लिए खुली स्वर्ग सी सजी फूलों की घाटी, हर 15 दिन में करती है नया शृंगार

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी रविवार को सैलानियों के लिए खोल दी गई. पहले ही दिन फूलों की घाटी का दीदार करने के लिए बड़ी तादाद में सैलानी पहुंचे. इस दौरान वन विभाग ने सैलानियों का फूलों की घाटी के मुख्य गेट पर स्वागत किया.

सैलानियों के लिए खुली फूलों की घाटी

इस घाटी का दीदार करने के लिए हजारों की संख्या में जून से लेकर अक्टूबर तक सैलानी पहुंचते हैं. जून महीने में 62 सैलानियों ने अब तक पंजीकरण कराया है.

पूजा के बाद सुबह सात बजे खुले घाटी के प्रवेश द्वार

वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की वन क्षेत्र अधिकारी चेतना काण्डपाल की अगुवाई में इस नंदन कानन को सैलानियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खोल दिया गया. उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे घाटी के प्रवेश द्वार के औपचारिक पूजन के बाद सैलानियों के लिए इसे खोल दिया गया.

ऑफलाइन और ऑनलाइन तरीके से खरीदें टिकट

काण्डपाल ने बताया कि पहले दिन 49 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे, जिसमें 45 पर्यटक ऑफलाइन टिकट और चार पर्यटक ऑनलाइन टिकट लेकर घाटी के दीदार के लिए आए हुए थे. वहीं पार्क प्रशासन घाटी में आने वाले सभी पर्यटकों का स्वागत किया. उन्होंने बताया कि पार्क प्रशासन की ओर से फूलों की घाटी घूमने आए पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क परमिट चार्ज ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कर दिया गया है. ऐसे में पर्यटक यहां आने के लिए एडवांस में भी वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर घाटी में भ्रमण करने का ऑनलाइन प्रवेश परमिट ले सकते हैं. भारतीयों के लिए 200 रुपए प्रति पर्यटक और विदेशी पर्यटकों के लिए 800 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है.

यह भी पढ़ें

उन्होंने बताया कि जैव विविधता से भरी ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति विज्ञानी फ्रैंक स्मिथ की खोजी इस घाटी में प्रकृति प्रेमियों को हिमालयी फ्लोरा-फौना से लेकर प्राकृतिक नजारों का दीदार बेहद नजदीक से होता है. यह घाटी दुर्लभ अल्पाइन पुष्पों की सैकड़ों प्रजातियों के साथ-साथ बेशकीमती जड़ी-बूटियों के लिए पहचानी जाती है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें