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अमृतसर को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग के विरोध में भाजपा का चंडीगढ़ में प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में लिए गए

भाजपा की मांग है कि अमृतसर में शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि शहर की आध्यात्मिक पवित्रता और धार्मिक वातावरण को संरक्षित किया जा सके.

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14 Jul 2025
( Updated: 09 Dec 2025
09:59 PM )
अमृतसर को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग के विरोध में भाजपा का चंडीगढ़ में प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में लिए गए

अमृतसर को पवित्र नगरी का दर्जा देने और शराबबंदी की मांग को लेकर पंजाब भाजपा नेताओं ने सोमवार को चंडीगढ़ में विरोध-प्रदर्शन किया. पंजाब भाजपा के जनरल सेक्रेटरी जगनमोहन सिंह राजू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पंजाब विधानसभा की ओर कूच करने के लिए पंजाब एमएलए हॉस्टल पहुंचे. लेकिन, इससे पहले कि वे विधानसभा तक पहुंच पाते, चंडीगढ़ पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया.

भाजपा कार्यकर्ता को पुलिस ने लिया हिरासत में

पंजाब पुलिस ने धारा-144 का हवाला देते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को विधानसभा जाने से रोक दिया. लेकिन, भाजपा के नेता विधानसभा जाने की जिद पर अड़े रहे, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए नेताओं में जगनमोहन सिंह राजू के अलावा कई अन्य भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे.

अमृतसर में शराबबंदी की मांग को लेकर भाजपा का प्रदर्शन

मीडिया से बात करते हुए जगनमोहन सिंह राजू ने कहा कि हम अमृतसर को पवित्र नगरी का दर्जा देने और वहां पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर शांतिपूर्वक विधानसभा की ओर जा रहे थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने जबरन हमें रोक लिया. उन्होंने आगे कहा कि यह न सिर्फ जनतांत्रिक अधिकारों का हनन है, बल्कि सरकार की तानाशाही मानसिकता को भी दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान यह सब देख रहे हैं. लेकिन, हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है. पुलिस ने हमारे साथ धक्का-मुक्की भी की, जो निंदनीय है.

अमृतसर को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, काशी जैसे धार्मिक स्थलों को पवित्र नगरी घोषित किया गया . उसी तरह सिख धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल अमृतसर को भी विशेष दर्जा दिया जाना चाहिए.

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भाजपा की मांग है कि अमृतसर में शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि शहर की आध्यात्मिक पवित्रता और धार्मिक वातावरण को संरक्षित किया जा सके.

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