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चुनावी मौसम में बिहार को मिली 6014 करोड़ रूपए की सौगात, रेलवे और हाईवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी

चुनावी मौसम में बिहार को बड़ी सौगात मिली है. केंद्र सरकार ने बिहार के लिए बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल लाइन डबलिंग और साहेबगंज-बेतिया NH-139W चौड़ीकरण को मंजूरी दी है. इसकी कुल लागत 6014 करोड़ रुपये है.

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24 Sep 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:25 AM )
चुनावी मौसम में बिहार को मिली 6014 करोड़ रूपए की सौगात, रेलवे और हाईवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी

बिहार में चुनाव से पहले केंद्र की तरफ से लगातार कई बड़ी सौगातें मिल रही है. इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बिहार में रेल और सड़क विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है. 

बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल लाइन के लिए 2,192 करोड़ रुपये

रेलवे के लिए, बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल लाइन को डबल करने की मंजूरी दी गई है. जिसमें 2,192 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इससे इस महत्वपूर्ण रूट पर ट्रेनों की आवाजाही तेज और आसान हो जाएगी. वहीं, सड़क परिवहन के क्षेत्र में, साहेबगंज-बेतिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-139W) को चार लेन का बनाया जाएगा. 

इस परियोजना की लागत 3,822 करोड़ रुपये है. जो बिहार के पश्चिमी हिस्सों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा. ये दोनों परियोजनाएं बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी. जिससे यात्रा में सुविधा होगी और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. इन घोषणाओं को आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि ये सीधे तौर पर बिहार के विकास को दर्शाती हैं.

साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड 3,822.31 करोड़ रुपये 

बिहार में साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड (NH-139W) को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी है. यह परियोजना हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत बनेगी. कुल लंबाई 78.942 किलोमीटर होगी. इस पर 3,822.31 करोड़ रुपये की लागत आएगी. यह ग्रीनफील्ड परियोजना बिहार की राजधानी पटना को बेतिया से जोड़ेगी और वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जैसे उत्तर बिहार के जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. साथ ही यह भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच आसान बनाएगी.

परियोजना के तहत सात पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, छह सोशल नोड्स, आठ लॉजिस्टिक नोड्स और नौ बड़े पर्यटन व धार्मिक स्थलों को जोड़ा जाएगा. इसमें केसरिया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर व विश्व शांति स्तूप (वैशाली) और महावीर मंदिर (पटना) जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं. इससे बौद्ध सर्किट और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी.

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नई सड़क की डिजाइन स्पीड 100 किमी/घंटा होगी. वाहन औसतन 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे. इससे साहेबगंज से बेतिया की यात्रा का समय 2.5 घंटे से घटकर सिर्फ 1 घंटा रह जाएगा. यात्री और मालवाहक दोनों तरह के वाहनों को तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट यात्रा सुविधा मिलेगी. यह परियोजना करीब 14.22 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष रोजगार और 17.69 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगी. साथ ही हाईवे कॉरिडोर के आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से और भी रोजगार के अवसर सामने आएंगे.

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