जेडीयू में बड़ा सियासी भूचाल, एक साथ 15 नेताओं ने छोड़ा नीतीश का साथ!
ताजा मामला मोतिहारी जिले के ढाका विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है। जहां पार्टी के 15 पदाधिकारी ने एक साथ अपना त्यागपत्र दिया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जो आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए और जदयू के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
08 Apr 2025
(
Updated:
11 Dec 2025
01:59 AM
)
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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 6 महीने का समय बचा है। ऐसे में सूबे का सियासी पारा आसमान छू रहा है। विपक्ष एक और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और नीतियों को लेकर सवाल उठा रहा है। वही वक्फ संशोधन विधेयक पर केंद्र का समर्थन करने के बाद जदयू के अंदर अंदरूनी घमासान मचा हुआ है। ताजा मामला मोतिहारी जिले के ढाका विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है। जहां पार्टी के 15 पदाधिकारी ने एक साथ अपना त्यागपत्र दिया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जो आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए और जदयू के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
क्या है विवाद की जड़
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू की पहचान एक सेक्युलर नेता और पार्टी के तौर पर रही है लेकिन
वक्फ संशोधन विधेयक बिल जब लोकसभा और राज्यसभा में पेश हुआ तो जेडीयू ने पूरा समर्थन सरकार को दिया। यही वजह है कि अब जदयू में शामिल मुस्लिम नेताओं का नीतीश कुमार और पार्टी से मोह भंग होने लगा है। संसद से बिल पास होते ही नीतीश कुमार के पार्टी शामिल पांच नेताओं ने साथ छोड़ा था और अब मोतिहारी के ढाका विधानसभा क्षेत्र से एक साथ 15 पदाधिकारी का साथ छोड़ना नीतीश कुमार की पार्टी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। जदयू का साथ छोड़ने वाले नेताओं का कहना है कि वक्फ कानून मुस्लिम समाज के अधिकारों के खिलाफ है। इसको लेकर वह गांधीवादी तरीके से सरकार का विरोध करेंगे।
किस किस ने छोड़ा नीतीश का साथ
वक्फ कानून के मुद्दे जेडीयू का साथ छोड़ने वाले नेताओं में मुख्य रूप से युवा प्रकोष्ठ और अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी सबसे ज्यादा है। इस्तीफा देने वाले में गौहर आलम – प्रखंड अध्यक्ष युवा जदयू, मो. मुर्तुजा – कोषाध्यक्ष नगर परिषद, शबीर आलम – प्रखंड उपाध्यक्ष युवा जदयू, मौसिम आलम – नगर अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, जफीर खान – नगर सचिव,मो. आलम – नगर महासचिव, तुरफैन – प्रखंड महासचिव युवा जदयू, मो. मोतिन – नगर उपाध्यक्ष के अलावा,सुफैद अनवर – करमावा पंचायत अध्यक्ष, मुस्तफा कमाल (अफरोज) – युवा प्रखंड उपाध्यक्ष,फिरोज सिद्दीकी – प्रखंड सचिव युवा जदयू, सलाउद्दीन अंसारी – नगर महासचिव, सलीम अंसारी – नगर महासचिव, एकरामुल हक – नगर सचिव और सगीर अहमद है जो नगर सचिव के पद पर थे। इन नेताओं का कहना है कि सरकार अगर कानून वापिस नहीं लेते तो वे चुप नहीं बैठेंगे। आगे चलकर आंदोलन करेंगे।
क्या मुस्लिम छोड़ रहे नीतीश का साथ ?
विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरीके से नीतीश कुमार की पार्टी का लगातार मुस्लिम नेता साथ छोड़ रहे हैं वह पार्टी के लिए एक बड़े खतरे की घंटी माना जा रहा है। खासकर तब जब मुस्लिम वर्ग जेडीयू आलाकमान से बीजेपी के साथ गठबंधन किए जाने के बाद से संदेह में था। हालांकि इन इस्तीफों को लेकर जेडीयू के ढाका प्रखंड अध्यक्ष नेहाल अख्तर ने कहा है कि इनमें से सिर्फ एक नेता पार्टी से जुड़े हैं, बाकी सभी का पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
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