Advertisement

मध्य प्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद बढ़ा बवाल, दिल्ली में ट्रेनिंग कैंप में राहुल गांधी करेंगे संवाद

मध्य प्रदेश कांग्रेस में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है. वहीं, कांग्रेस हाईकमान ने सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को 24 अगस्त को दिल्ली बुलाया है, जहां राहुल गांधी उनसे सीधा संवाद करेंगे और संगठन को मज़बूत करने के लिए दिशा-निर्देश देंगे.अब सबकी नज़र इस बैठक पर टिकी है कि क्या राहुल गांधी का संदेश नाराज़ नेताओं को शांत करेगा या फिर पार्टी के भीतर की कलह और बढ़ जाएगी.

Author
18 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:23 AM )
मध्य प्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद बढ़ा बवाल, दिल्ली में ट्रेनिंग कैंप में राहुल गांधी करेंगे संवाद

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की हुई नियुक्ति के बाद असंतोष के स्वर जोर पकड़ने लगे हैं, बयानबाजी हो रही है और इस्तीफे का दौर भी शुरू हो गया है.वहीं दूसरी ओर, नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए 24 अगस्त को दिल्ली बुलाया गया है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी संवाद करेंगे. 
 
राहुल गांधी करेंगे संवाद

इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए 24 अगस्त को दिल्ली बुलाया है.इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे.वे जिला अध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे और आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश देंगे.वहीं दूसरी ओर, नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए 24 अगस्त को दिल्ली बुलाया गया है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी संवाद करेंगे. 

संगठन को मजबूत करने की कोशिश

कांग्रेस का मानना है कि 2028 विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव को देखते हुए अभी से संगठन को मज़बूत करना ज़रूरी है.इसीलिए नए जिला अध्यक्षों को ज़िम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें रणनीति और जमीनी स्तर पर काम करने के तरीके सिखाए जाएंगे।कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत राज्य के 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है.इन जिला अध्यक्षों में विधायक, पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं.इनमें कई जिला अध्यक्ष ऐसे हैं जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाते रिश्तेदार भी हैं.इतना ही नहीं, कई जिला अध्यक्षों को एक बार फिर कमान सौंपी गई है.जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी में नाराजगी बढ़ने लगी है और इन नियुक्तियों को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं.

नाराज़ नेताओं की चिंता

हालांकि, पार्टी के अंदर जो असंतोष उभरकर सामने आया है, वह कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.कई नेताओं का कहना है कि नियुक्तियों में स्थानीय समीकरणों और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है.यही कारण है कि अब इस्तीफों और विरोधी सुरों ने तेज़ी पकड़ ली है.इतना ही नहीं, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष साक्षी डागा ने भी प्रदेश अध्यक्ष पटवारी पर हमला बोला है.इसके अलावा, भोपाल के जिला अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप उर्फ मोनू सक्सेना ने प्रवीण सक्सेना को फिर भोपाल का जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर नाराजगी जताई है और कांग्रेस नेताओं की भाजपा के साथ-गांठ का भी आरोप लगाया है.

आगे की राह

अब सबकी निगाहें 24 अगस्त को होने वाली दिल्ली बैठक पर टिकी हैं.राहुल गांधी का संदेश और संगठन की ओर से दिए जाने वाले दिशा-निर्देश यह तय करेंगे कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में उठ रहे असंतोष की आग ठंडी होगी या और भड़क जाएगी.

यह भी पढ़ें

विरोध प्रदर्शनों के बीच गुना के जिला अध्यक्ष जयवर्धन सिंह से मीडिया ने बात की तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जब भोपाल में आकर संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की थी तो उन्होंने कहा था कि जिले के सबसे सक्षम और ताकतवर नेता को जिला अध्यक्ष बनाया जाएगा और उन्होंने यह किया है, जिससे पार्टी को लाभ होगा.वहीं उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि आगामी दिनों में जिला अध्यक्षों को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे.बताया गया है कि राज्य में जिन जिला अध्यक्षों को नियुक्त किया गया है उन सभी को 24 अगस्त को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जाने वाला है.इस प्रशिक्षण के कार्यक्रम में राहुल गांधी भी उपस्थित रहेंगे.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें