पीएम मोदी के RSS मुख्यालय जाने के बाद संजय राउत का दावा, बताया कौन होगा उनका उत्तराधिकारी
राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरएसएस मुख्यालय जाने के तार को उनके अगले उत्तराधिकारी की चर्चाओं से जोड़ा है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी हो या फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी के तरफ से भी इसको लेकर कोई आधिकारिक तौर पर बयान सामने नहीं आया है।
31 Mar 2025
(
Updated:
11 Dec 2025
07:03 AM
)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे थे। इसको लेकर अब सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी है। महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय रावत ने पीएम मोदी के नागपुर दौरे को लेकर बड़ा दावा किया है। राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरएसएस मुख्यालय जाने के तार को उनके अगले उत्तराधिकारी की चर्चाओं से जोड़ा है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी हो या फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी के तरफ से भी इसको लेकर कोई आधिकारिक तौर पर बयान सामने नहीं आया है।
राउत का दावा
पीएम मोदी के नागपुर दौरे को लेकर संजय रावत ने यह दावा किया है कि इस दौरे के दौरान आरएसएस मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी का चुनाव बीजेपी नहीं बल्कि आरएसएस ही करेगी। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नागपुर बुलाया गया था। इस दौरान बंद दरवाजे के भीतर उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा हुई है।
दूसरे प्रधानमंत्री जो पहुंचे आरएसएस मुख्यालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरएसएस मुख्यालय जाने को लेकर संघ से जुड़े एक कार्यकर्ता ने बताया कि पीएम मोदी दूसरे प्रधानमंत्री हैं जो इस पद पर रहते हुए आरएसएस के मुख्यालय नागपुर पहुंचे। इससे पहले साल 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान आरएसएस मुख्यालय का दौरा किए थे। ठीक इसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यह तीसरा कार्यकाल है और वह नागपुर पहुंचे थे। पीएम मोदी ने मुख्यालय में संघ के संस्थापकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
क्या मोदी होंगे रिटायर
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने यह नियम बनाया था कि 75 साल की आयु के बाद नेता रिटायर हो जाएंगे। अगर बीजेपी आपने बनाए नियमों पर कायम रही तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल 75 वर्ष के हो सकते है। लेकिन इसके लिए लेकर के अभी कोई आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है। शायद यही वजह है कि भाजपा के नियमों को ध्यान में रखते हुए शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय रावत ने यह दावा कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आरएसएस मुख्यालय में आना उनके उत्तराधिकारी के नाम को तय करने के लिए हुआ है
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