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केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की आय पर बीजेपी ने लगाया गंभीर

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर बड़ा आरोप लगाया है।

केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की आय पर बीजेपी ने लगाया गंभीर
दिल्ली विधानसभा चुनाव में इन दिनों आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच जमकर बयानबाज़ी हो रही है। इन दलों के नेता एक दूसरे पर कई गंभीर आरोप भी लगा रहे है। इसी कड़ी में अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर बड़ा आरोप लगाया है। 


कैसे बढ़ी केजरीवाल की आय 

वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि हमें अपने सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। वर्ष 2020-21 में कोविड महामारी के दौरान अरविंद केजरीवाल की आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि का क्या कारण है? केजरीवाल सैफ अली खान, सलमान खान पर बोलते हैं, लेकिन इस मुद्दे पर चुप रहते हैं। अरविंद केजरीवाल को जवाब देना चाहिए। जिस व्यक्ति ने लोगों को लूटा है, उसे जवाब देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अभी हम केजरीवाल की दिल्ली की पर-कैपिटा आय (प्रति व्यक्ति आय) से भी कम आय का रहस्य समझ ही रहे थे कि हमारी मीडिया टीम ने हमारा ध्यान केजरीवाल के नंबर 2 मनीष सिसोदिया के हलफनामे की ओर दिलाया है, जिसमें सिसोदिया पर कर्ज के आंकड़े हर नागरिक के मन में सैकड़ों सवाल खड़े करते हैं। किसी मध्यम वर्गीय परिवार की ही तरह उनके जमा पूंजी आंकड़े सामान्य हैं, पर जब हम मनीष सिसोदिया के ऊपर शिक्षा कर्ज का आंकड़ा देखते हैं तो लगता है कि यह तो हेरफेर का मामला हो सकता है।


सिसोदिया के तीन मित्र 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम और आप बच्चों का शिक्षा का दीर्घकालीन कर्ज बैंक से लेते हैं। मनीष सिसोदिया को उनके तीन परिचित 1.5 करोड़ का कर्ज देते हैं वह भी शराब पॉलिसी के दौर में जो असमान्य है। दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि मनीष सिसोदिया के वह तीन मित्र रोमेश चंद मित्तल, मिस दीपाली एवं गुणित अरोड़ा कौन हैं, जिन्होंने 86 लाख, 10 लाख एवं 58 लाख के पुत्र शिक्षा कर्ज सिसोदिया को शराब नीति विवाद काल में दिए हैं। केजरीवाल भी बताएं कि आखिर यह कैसे मुमकिन है की गत दशक में आपके आयकर रिटर्नों में दिखाई आय आपके मूल वेतन से भी कम है। पर शराब नीति बनने वाले कोविड वर्ष में 40 गुणा बढ़ गई थी।


बता दें कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में विधानसभा चुनाव एक चरण में संपन्न कराए जाएंगे। यहां पर सभी सीटों के लिए एक ही चरण में 5 फरवरी को मतदान प्रस्तावित है। वहीं इसके नतीजे एक साथ 8 फरवरी को सामने आएंगे।

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