Advertisement

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की ‘उम्मीद’ खत्म… 8 लाख में से 2 लाख ही हुए रजिस्टर्ड, क्या करेगी सरकार?

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन खत्म हो गई है और केवल एक चौथाई हिस्सा ही डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज हो सका है. ये आंकड़ा सरकार के लिए नई चुनौती बन गया.

Author
09 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
06:29 AM )
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की ‘उम्मीद’ खत्म… 8 लाख में से 2 लाख ही हुए रजिस्टर्ड, क्या करेगी सरकार?

Waqf Property Registration: वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा खत्म हो चुकी है. केंद्र सरकार की ओर से संपत्तियों का ऑनलाइन ब्यौरा अपलोड करने के लिए 6 दिसंबर 2025 तक का वक्त दिया गया था. आखिरी तारीख तक UMEED (यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) पोर्टल पर 8.8 लाख वक्फ संपत्तियों में से केवल 2.16 लाख संपत्तियों का ही पंजीकरण हो पाया है. 

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन खत्म हो गई है और केवल एक चौथाई हिस्सा ही डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज हो सका है. ऐसे में सवाल उठ रहा है बाकी बची लाखों की संपत्तियों का क्या होगा? UMEED पोर्टल पर गैर विवादित वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा अपलोड किया गया है. 

किस राज्य में कितनी वक्फ संपत्तियों का हुआ रजिस्ट्रेशन? 

दरअसल, वक्फ (संशोधन) अधिनियम के केंद्र सरकार ने 6 जून को UMEED पोर्टल लॉन्च किया था. जिसका मकसद देशभर की वक्फ संपत्तियों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना था. इसमें वक्फ संपत्तियों की जियो-टैगिंग, डॉक्यूमेंटेशन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रमुख था. सरकार ने दावा किया था कि इससे वक्फ संपत्तियों की बेहतर निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन होगा. हालांकि तय समय तक तो पोर्टल पर सभी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो सका. 

  • पोर्टल पर कुल 5.17 लाख आवेदन डाले गए थे
  • इनमें से 10,872 आवेदन खारिज कर दिए गए 
  • वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में कर्नाटक सबसे आगे रहा
  • कर्नाटक में 65,242 में से 52,917 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ
  • कर्नाटक में कुल वक्फ संपत्तियों में से 81% का रजिस्ट्रेशन 
  • दूसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर है जहां 77% रजिस्ट्रेशन हुआ 
  • वहीं, पंजाब में 24,969 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है जो कुल संपत्ति का 90% है
  • गुजरात में 61 फीसदी 24,133 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है

वहीं, सबसे खराब प्रदर्शन वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल अव्वल नंबर पर है. जहां 80,480 वक्फ संपत्तियों में से महज 716 का ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो सका है. ये आंकड़ा बंगाल में वक्फ संशोधित कानून को लागू करने से इंकार का नतीजा है. हालांकि रजिस्ट्रेशन के आखिरी दिनों से पहले CM ममता बनर्जी का रुख बदल गया था. उन्होंने अधिकारियों को केंद्रीय पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा अपलोड करने के निर्देश दिए थे. प्रशासन ने तुरंत डेटा एंट्री प्रक्रिया शुरू करने के लिए कदम उठाए थे. हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी. 

वहीं, उत्तर प्रदेश का परफोर्मेंस भी बेहद खराब रहा. सुन्नी वक्फ बोर्ड की 12,982 संपत्तियों में से 11 प्रतिशत ही रजिस्टर्ड हो पाईं. जबकि शिया वक्फ बोर्ड की भी महज 789 संपत्तियां दर्ज की गई. इसके बाद महाराष्ट्र में 36,700 में से 17,971 संपत्तियों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका. UMEED पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के कम आंकड़े सरकार के लिए नई चुनौती बन गए हैं. 

किस राज्य में हैं सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां? 

  • देश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां उत्तर प्रदेश में हैं
  • सुन्नी और शिया बोर्ड मिलाकर करीब 2.4 लाख संपत्तियां 
  • UP के बाद पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु और कर्नाटक का नाम 

वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में दिक्कत क्या? 

बताया जा रहा है वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा अपलोड करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जैसे पोर्टल का सर्वर क्रैश, सैकड़ों साल पुरानी संपत्तियों के कागज न मिल पाना, अलग-अलग राज्यों में जमीन की नाप-जोख, पैमाने में दिक्कतें समेत कई टेक्निकल परेशानी फेस की गई. 

डेडलाइन खत्म होने के बाद क्या अब आगे क्या? 

वहीं, रजिस्ट्रेशन के खराब आंकड़ों को देखते हुए सरकार ने नए रास्ते खोलने का संकेत दिया है. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था, जो लोग तीन महीने तक संपत्ति का पंजीकरण नहीं करवा पाएंगे, उन पर फिलहाल कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा. साथ ही वक्फ ट्रिब्यूनल के जरिए रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा बढ़ाने का रास्ता खुला रखा गया है.’ यानी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का रास्ता अभी भी खुला है. वक्फ बोर्ड अपने-अपने राज्यों के वक्फ ट्रिब्यूनल में आवेदन करवा सकते हैं. 

यह भी पढ़ें

 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें