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मोदी सरकार की एक और कामयाबी, क्रू मेंबर रवींद्रन यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे से रिहा, इस मुस्लिम देश ने की मदद

मोदी सरकार ने एक बार फिर कमाल कर दिया है. मुस्लिम देश, कट्टर लोग, विद्रोही सरकार, लड़ाकों की फौज के चंगुल से अपने नागरिक को छुड़ा लिया है. इतना ही नहीं एक भारतीय की मदद के लिए कोई वेस्टर्न कंट्री नहीं बल्कि एक और मुस्लिम देश ने भारत की मदद की और रिहाई सुनिश्चित की. ये उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो कहते हैं कि कथित हिंदूवादी सरकार में खाड़ी के देशों के साथ संबंध खराब हो रहे हैं और हिंदुस्तान की रणनीतिक बढ़ोतरी कम हो रही है.

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04 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
04:48 AM )
मोदी सरकार की एक और कामयाबी, क्रू मेंबर रवींद्रन यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे से रिहा, इस मुस्लिम देश ने की मदद

खाड़ी के देश यमन में करीब पांच महीनों से फंसे अपने नागरिक को छुड़ाने में भारत को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. दरअसल यमन की जेल में कैद भारतीय क्रू मेंबर अनिलकुमार रवींद्रन को आखिरकार रिहा कर दिया गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक रवींद्रन बुधवार को मस्कट पहुंचे और उनके जल्द ही भारत लौटने की उम्मीद है. 

MV Eternity C पर तैनात थे रवींद्रन

सरकार ने इस संबंध में जानकारी दी कि उनकी सुरक्षित रिहाई और वापसी सुनिश्चित करने के लिए उसकी तरफ से कई पक्षों के साथ लगातार बातचीत की जा रही थी. इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने अनिल कुमार रवींद्रन की रिहाई में मदद करने के लिए ओमान सल्तनत का भी आभार व्यक्त किया है. रवींद्रन को 7 जुलाई 2025 से यमन की जेल में हिरासत में रखा गया था. उस समय जब वह 'एमवी एटर्निटी सी' ( MV Eternity C) जहाज पर तैनात थे.

हूती विद्रोहियों ने जहाज पर किया था हमला!

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रवींद्रन जुलाई में अपनी गिरफ्तारी के वक्त लाइबेरिया झंडे वाली ग्रीक के एक बल्क कैरियर शिप MV Eternity C के क्रू का हिस्सा थे.  बीते जुलाई महीने में इस जहाज पर हूती विद्रोहियों ने हमला कर दिया था.

जुलाई से कैद में थे रवींद्रन!

विदेश मंत्रालय के तब के मुताबिक इस हमले के बाद रवींद्रन को हिरासत में ले लिया गया था और वह 7 जुलाई 2025 से कैद में बंद थे. कहा जा रहा है कि सरकरा उनकी रिहाई को लेकर लगातार उच्च स्तरीय प्रयास कर रही थी. चुकि यमन में हूती विद्रोहियों की सरकार है और यहां सरकार से सीधे कोई ठोस बातचीत नहीं हो सकती इसलिए यमन विद्रोहियों पर प्रभाव रखने वाले ओमान सल्तनत की मदद ली गई. इसके बाद ही उनकी रिहाई इतनी जल्दी वो भी सकुशल संभव हो पाई है. मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रवींद्रन बुधवार को ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गए हैं और वो जल्द ही भारत लौट आएंगे.

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "भारत सरकार MV Eternity C के भारतीय क्रू मेंबर अनिलकुमार रवींद्रन की रिहाई का स्वागत करती है. वह 7 जुलाई 2025 से यमन में हिरासत में थे. रवींद्रन मस्कट पहुंच गए हैं और जल्द ही भारत लौटेंगे. सरकार इस मामले में कई पक्षों के साथ समन्वय कर रही थी."

ओमान ने की मध्यस्थता!

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भारत ने रवींद्रन की रिहाई में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार जताया है. हूती समर्थित मीडिया अल-मसीरा ने बताया है कि इस रिहाई में ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और क्रू को सुरक्षित तरीके से सना से मस्कट पहुंचाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूती विद्रोहियों द्वारा जुलाई में निशाना बनाए गए Eternity C जहाज के सभी 10 क्रू मेंबरों को रिहा कर सना से ओमान ट्रांसफर किया गया.

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