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रेल मंत्री ने लोकसभा में हरिद्वार–देहरादून रेल सेवाओं की जानकारी दी, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने का दिया आश्वासन

रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में हरिद्वार स्टेशन से 88 और देहरादून स्टेशन से 36 रेलगाड़ियां संचालित हो रही हैं. देहरादून/हरिद्वार से वारणसी, गया, पुरी, पटना और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए कई ट्रेन जोड़े (पेयर) उपलब्ध हैं.

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10 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:50 AM )
रेल मंत्री ने लोकसभा में हरिद्वार–देहरादून रेल सेवाओं की जानकारी दी, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने का दिया आश्वासन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए रेल सेवाओं से संबंधित पूछे गए प्रश्न का उत्तर दिया. उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक शहरों हरिद्वार और देहरादून को देश के महत्वपूर्ण शहरों से व्यापक रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ता है.

रेलवे मंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल सेवाओं की जानकारी दी

रेल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में हरिद्वार स्टेशन से 88 और देहरादून स्टेशन से 36 रेलगाड़ियां संचालित हो रही हैं. देहरादून/हरिद्वार से वारणसी, गया, पुरी, पटना और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए कई ट्रेन जोड़े (पेयर) उपलब्ध हैं.

उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क कई राज्यों में फैला है और ट्रेनों का संचालन नेटवर्क की आवश्यकता के अनुसार राज्य सीमाओं के पार भी किया जाता है. यात्रियों की मांग, परिचालनिक स्थिति और त्यौहारों, छुट्टियों एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे विशेष ट्रेनें भी चलाता है.

"हरिद्वार से 88 और देहरादून से 36 ट्रेनें संचालित होती हैं"

हरिद्वार से वंदे भारत, शताब्दी, जन शताब्दी, नंदा देवी, मसूरी, उपासना, कुंभ, अमृतसर, काठगोदाम, पटना, पुरी, हावड़ा, बांद्रा, उदयपुर, जम्मू तवी और श्री माता वैष्णो देवी कटरा समेत कुल 88 ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं.

देहरादून से आनंद विहार टर्मिनल और लखनऊ के लिए वंदे भारत, शताब्दी, जन शताब्दी, काठगोदाम जनशताब्दी, उपासना, कुंभ, नंदा देवी, मसूरी, अमृतसर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, वाराणसी और टनकपुर सहित कुल 36 रेल सेवाएं संचालित की जा रही हैं.

यात्रियों की सुविधा के लिए सेवाओं में सुधार

रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी मार्ग पर नई ट्रेन शुरू करना कई तकनीकी और परिचालनिक मानकों पर निर्भर करता है. इनमें मार्ग/खंड की क्षमता, पथ (रूट) की उपलब्धता, आवश्यक चल स्टॉक की उपलब्धता, अवसंरचना की उपयुक्तता और ट्रैक एवं अन्य परिसंपत्तियों की अनुरक्षण आवश्यकताएं शामिल हैं.

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उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए सेवाओं में सुधार हेतु निरंतर कार्य कर रहा है.

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