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रेलवे में नौकरी की बहार, 11 साल में 5.08 लाख नियुक्तियां, दो साल में 1.20 लाख पदों की घोषणा

Ashwini Vaishnaw: रेलवे में खाली पदों को भरना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. रेलवे अपने ऑपरेशन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए समय पर भर्तियाँ करता है ताकि पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध रहे.

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04 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
06:00 AM )
रेलवे में नौकरी की बहार, 11 साल में 5.08 लाख नियुक्तियां, दो साल में 1.20 लाख पदों की घोषणा
Image Source: Social Media

Railway Jobs: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि भारतीय रेलवे ने कैलेंडर वर्ष 2024 और 2025 में कुल 1,20,579 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है. उन्होंने यह भी कहा कि 2014-15 से 2024-25 के बीच रेलवे ने 5.08 लाख लोगों को नौकरी दी है, जो पहले की तुलना में काफी अधिक है.

रेलवे में रिक्तियाँ क्यों बनती रहती हैं?


मंत्री के अनुसार रेलवे बहुत बड़ा संगठन है. देशभर में उसके लाखों कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर काम करते हैं. ऐसे में समय-समय पर नई तकनीक, बदलाव, मशीनें, सुरक्षा और संचालन की जरूरतों के अनुसार नए कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती रहती है. इसलिए रेलवे में खाली पदों को भरना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. रेलवे अपने ऑपरेशन को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए समय पर भर्तियाँ करता है ताकि पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध रहे.

वर्ष 2024 में कितनी नौकरियाँ निकलीं?

रेल मंत्रालय ने बताया कि जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच विभिन्न पदों के लिए 92,116 रिक्तियों पर भर्ती विज्ञापन जारी किए गए. इन पदों में शामिल हैं:- 

सहायक लोको पायलट (ALP)
तकनीशियन
RPF में सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल
जूनियर इंजीनियर (JE), DMS, CMA
पैरामेडिकल स्टाफ
नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC)
मंत्रिस्तरीय पद
लेवल-1 जैसे ट्रैकमैन, सहायक, पॉइंट्समैन आदि
इन सभी पदों के लिए कुल 10 सेंट्रलाइज्ड एम्प्लॉयमेंट नोटिफिकेशन (CEN) जारी किए गए.

वर्ष 2025 के लिए भर्ती कार्यक्रम


रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 के लिए पहले से ही एक वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है. उसके अनुसार 28,463 पदों पर नियुक्ति के लिए 7 नई भर्ती अधिसूचनाएँ जारी की गई हैं. यानी 2025 में भी बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी मिलने की संभावना है.

 रेलवे भर्ती प्रक्रिया क्यों होती है कठिन?


रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षाएँ अत्यंत तकनीकी मानी जाती हैं. इनमें देशभर से लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं. इस प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए बड़ी संख्या में स्टाफ, संसाधन और मशीनों की जरूरत होती है. रेलवे ने बताया कि उन्होंने सभी परीक्षाएँ पूरी तरह पारदर्शी और ईमानदार तरीके से कराईं. पूरी प्रक्रिया में पेपर लीक या किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई.

मोदी सरकार में रेलवे ने ज्यादा नौकरी दी

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रेल मंत्रालय के अनुसार,
2014-15 से 2024-25 के बीच रेलवे में 5.08 लाख नियुक्तियाँ हुईं.
जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह संख्या 4.11 लाख थी.
इससे पता चलता है कि मोदी सरकार के दौरान रेलवे भर्ती में पहले की तुलना में अधिक लोगों को नौकरी मिली है.

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