Advertisement

अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण की तैयारी, PM मोदी के आगमन से बढ़ा उत्साह

प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की अध्यक्षता की थी और एक बार फिर संतों, गणमान्य लोगों और ट्रस्ट के सदस्यों की मौजूदगी में रस्मों का नेतृत्व करेंगे. ट्रस्ट को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए लगभग 6,000 बुलाए गए मेहमानों की उम्मीद है.

Author
24 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:40 AM )
अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण की तैयारी, PM मोदी के आगमन से बढ़ा उत्साह

अयोध्या में एक बार फिर बड़े जश्न की तैयारी हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को राम जन्मभूमि मंदिर में एक खास ध्वजारोहण समारोह के लिए आने वाले हैं. पूरे शहर में तैयारियां जोरों पर हैं. 

शहर में बढ़ा उत्साह, सजावट से निखरा नज़ारा

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर कई जगहों पर लगाए गए हैं, जिससे उत्साह और बढ़ गया है. राम मंदिर के प्रवेश पर लिखा है, “जाति पाति पूछे नहीं कोई, हरि का भजे सो हरि का होई,” जो इस कार्यक्रम के आस-पास की भक्ति की भावना को और मजबूत करता है. सड़कों की अच्छी तरह से सफाई की जा रही है, नए स्टॉप साइन लगाए जा रहे हैं और सफाई टीमें बड़े पैमाने पर मेंटेनेंस का काम कर रही हैं.

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

शहर त्योहार की रोशनी, सजावटी चीजों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से जगमगा रहा है. यह समारोह अयोध्या के लिए एक और मील का पत्थर है, जिसने राम मंदिर बनने के बाद से जबरदस्त बदलाव देखा है. वहां के लोगों, दुकानदारों और विजिटर्स ने बताया कि माहौल बहुत अच्छा है और कई लोग प्रधानमंत्री मोदी के आने का इंतजार कर रहे हैं.

मंदिर परिसर में भव्य सजावट

कार्यक्रम से पहले सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है. इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरे चालू कर दिए गए हैं और उन सेंसिटिव जोन में और यूनिट लगाई गई हैं जहां बिना इजाजत एंट्री की संभावना है. लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) लगातार नजर रख रही है, जबकि अधिकारी नियमित पेट्रोलिंग कर रहे हैं.

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, बॉर्डर के पास झुग्गी-झोपड़ियों और अस्थायी बस्तियों में वेरिफिकेशन ड्राइव चल रही हैं, जहां रहने वालों के पहचान के कागजों की सख्ती से जांच की जा रही है.

मंदिर अधिकारियों ने घोषणा की है कि इस साल का उत्सव खास तौर पर बड़ा होगा. भगवान महादेव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, मां भगवती, मां अन्नपूर्णा और शेषावतार को समर्पित सहायक मंदिरों को मुख्य मंदिर के साथ बड़े पैमाने पर सजाया जाएगा.

6,000 से अधिक मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद

काशी के जाने-माने विद्वान गणेश्वर शास्त्री के गाइडेंस में अयोध्या, काशी और दक्षिण भारत के 108 आचार्यों द्वारा रस्में निभाई जाएंगी. समारोह के दौरान सूर्य के निशान वाला भगवा झंडा फहराया जाएगा, जो अनंत ऊर्जा, दिव्य चमक, गुण और ज्ञान को दिखाता है, ये सभी भगवान राम से जुड़े गुण हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की अध्यक्षता की थी और एक बार फिर संतों, गणमान्य लोगों और ट्रस्ट के सदस्यों की मौजूदगी में रस्मों का नेतृत्व करेंगे. ट्रस्ट को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए लगभग 6,000 बुलाए गए मेहमानों की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें

इस बीच, अयोध्या भर के दुकानदारों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, खाने की जगहों और होमस्टे ने बढ़ती मांग की रिपोर्ट दी है और इसे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से सबसे व्यस्त समय में से एक बताया है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें