Advertisement

पीएम मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति से की फोन पर बातचीत, 'दित्वाह' तबाही पर हर संभव मदद का दिया भरोसा, अब तक 300 से ज्यादा मौतें

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति दिसानायके को संकटग्रस्त व्यक्तियों को बचाव और राहत प्रदान करने के लिए चल रहे ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया. पीएम ने बताया कि भारत की तरफ से श्रीलंका के लिए भेजी गई राहत सामग्री और बचाव दल मौके पर काम कर रहे हैं. यह सहायता भारत की मानवीय प्रतिबद्धता और पहला प्रतिक्रिया देने वाले देश की भूमिका को मजबूत करती है.

पीएम मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति से की फोन पर बातचीत, 'दित्वाह' तबाही पर हर संभव मदद का दिया भरोसा, अब तक 300 से ज्यादा मौतें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने चक्रवात 'दित्वाह' के कारण श्रीलंका में हुई जान-माल की हानि और व्यापक तबाही पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े हैं. पीएम मोदी ने इस बातचीत की जानकारी 'X' के जरिए साझा की है. 

पीएम मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति से की बातचीत 

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति दिसानायके को संकटग्रस्त व्यक्तियों को बचाव और राहत प्रदान करने के लिए चल रहे ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया. पीएम ने बताया कि भारत की तरफ से श्रीलंका के लिए भेजी गई राहत सामग्री और बचाव दल मौके पर काम कर रहे हैं. यह सहायता भारत की मानवीय प्रतिबद्धता और पहला प्रतिक्रिया देने वाले देश की भूमिका को मजबूत करती है. पीएम ने राष्ट्रपति दिसनायके को आश्वस्त किया कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका की जरूरतों के मुताबिक राहत, बचाव और मानवीय सहायता लगातार भेजी जाती रहेगी.

श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने जताया भारत का आभार 

पीएम मोदी से बातचीत के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने आभार जताया है. इस दौरान दिसानायके ने आपदा के बाद भारत की सहायता के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और बचाव दलों तथा राहत सामग्री की त्वरित तैनाती की सराहना की. उन्होंने समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया प्रयासों के लिए श्रीलंका की जनता की ओर से भी भारत का आभार व्यक्त किया. 

दोनों नेताओं ने संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति दिसानायके को संकटग्रस्त व्यक्तियों को बचाव और राहत प्रदान करने के लिए चल रहे ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत आने वाले दिनों में श्रीलंका द्वारा पुनर्वास प्रयासों, सार्वजनिक सेवाओं को फिर से शुरू करने और प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका बहाल करने के प्रयासों के तहत सभी आवश्यक सहायता प्रदान करता रहेगा. दोनों नेताओं ने निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की. 

चक्रवात दित्वाह से 334 लोगों की मौत 

श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह से मची तबाही में अब तक कम से कम 334 लोगों की मौत हो चुकी है. कोलंबिया के स्थानीय मीडिया ने डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (डीएमसी) के हवाले से बताया कि 370 लोगों की अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. इस बीच ऑपरेशन सागरबंधु के तहत भारतीय वायु सेना श्रीलंका के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर रही है. भारतीय वायुसेना ने 40 श्रीलंकाई सैनिकों और 104 भारतीयों को रेस्क्यू किया. 

सबसे ज्यादा 88 मौतें कैंडी में 

यह भी पढ़ें

इस तूफान से कैंडी शहर में सबसे ज्यादा तबाही मची है. कैंडी में अब तक 88 मौतें हुई हैं, जबकि 150 लोग लापता बताए गए हैं. बादुल्ला में 71, नुवारा एलिया में 68 और मटाले में 23 लोगों की मौत हुई है. डेली मिरर ने डीएमसी के हवाले से बताया कि इस आपदा से देशभर के 309,607 परिवारों के 1,118,929 लोग प्रभावित हुए हैं.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें