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योग-आयुर्वेद का विदेशों में डंका! रूस से पतंजलि की बड़ी डील, 200 देशों तक पहुंचने का लक्ष्य

यह साझेदारी खास तौर पर वेलनेस, आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों पर फोकस्ड है. पतंजलि की तरफ से स्वामी रामदेव और रूस सरकार की ओर से भारत-रूस व्यापार परिषद के अध्यक्ष और रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने इस समझौते पर साइन किए.

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07 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:34 AM )
योग-आयुर्वेद का विदेशों में डंका! रूस से पतंजलि की बड़ी डील, 200 देशों तक पहुंचने का लक्ष्य

Patanjali Russia Deal: बाबा रामदेव के पतंजलि ग्रुप और रूस सरकार के बीच एक बड़ी डील साइन हुई है. जिसका असर न केवल पतंजलि ग्रुप पर होगा. बल्कि भारत के आयुर्वेद और योग का विदेशों में भी विस्तार होगा. इस MoU के तहत दोनों व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देंगे. यह साझेदारी खास तौर पर वेलनेस, आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों पर केंद्रित है. पतंजलि अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए रूसी बाजार का फायदा उठाएगी. पतंजलि ग्रुप और रूस सरकार के बीच दिल्ली में एक यह अहम समझौता हुआ है. पतंजलि ग्रुप की तरफ से स्वामी रामदेव और रूस सरकार की ओर से भारत-रूस व्यापार परिषद के अध्यक्ष और रूस के वाणिज्य मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. 

स्वामी रामदेव ने बताया कि यह समझौता स्वास्थ्य एवं आरोग्य को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य पर्यटन, कुशल मानव संसाधनों के आदान-प्रदान और अनुसंधान संबंधी पहलों पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि रूस में लोग योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की सराहना करते हैं और सक्रिय रूप से इनका अभ्यास करते हैं. 

आरोग्य विज्ञान को 200 देशों तक पहुंचाना लक्ष्य- रामदेव 

रामदेव ने बताया, हमारा प्रमुख लक्ष्य ऋषियों के इस आरोग्य विज्ञान को दुनियाभर के लगभग 200 देशों तक पहुंचाना है, जिसमें रूस प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा. इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य रूस में पतंजलि की आरोग्य सेवाओं का विस्तार करना है. रूस के साथ मिलकर बुढ़ापे को रोकने और दीर्घायु पर गहन शोध किया जाएगा. जिससे गंभीर बीमारियों का मानव शरीर में प्रकट होने से वर्षों पहले ही पता लगाया जा सकेगा. दूसरा उद्देश्य भारत के आध्यात्मिक ज्ञान, संस्कृति, योग, आयुर्वेद और अमूल्य विरासत को रूस के साथ साझा करना है. इस उद्देश्य के लिए भारत की सांस्कृतिक और ऋषि परंपराओं को रूस ले जाया जाएगा. 

रामदेव ने कहा कि इस समझौते का तीसरा उद्देश्य रूस को भारत से कुशल श्रमिक और प्रशिक्षित योगी उपलब्ध कराना है. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पतंजलि एकमात्र निजी भागीदार है, जिसने दो लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया है. पतंजलि रूस को कुशल योगी और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराएगी. इसके अलावा इस समझौते के तहत रूस में प्रमुख भारतीय ब्रांडों और भारत में रूसी ब्रांडों का प्रचार किया जाएगा. विश्वस्तरीय पतंजलि ब्रांड को रूस ले जाया जाएगा, जिससे रूसी नागरिक पतंजलि के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का लाभ उठा सकेंगे. 

पुतिन एक सशक्त वैश्विक नेता हैं- रामदेव 

स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत और रूस मित्र राष्ट्र हैं. आजादी से पहले से ही भारत का रूस के साथ भावनात्मक जुड़ाव रहा है, जो आज भी कायम है. भारत के लोग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक सशक्त वैश्विक नेता मानते हैं और दुनिया उनके साहस, वीरता और पराक्रम से भली-भांति परिचित है. उन्होंने कहा, प्रभावशाली लोग भारत और रूस की मित्रता से नाखुश हैं, लेकिन रूस हर परिस्थिति में भारत का मित्र था, है और रहेगा. आध्यात्मिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भारत और रूस अभिन्न मित्र हैं और आगे भी रहेंगे. 

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इस बड़े समझौते पर सर्गेई चेरेमिन ने कहा कि रूस पतंजलि के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करेगा. पतंजलि के योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर उनका उद्देश्य रूस के लोगों की जीवनशैली में बदलाव लाना और उन्हें स्वस्थ एवं निरोगी बनाना है. यह समझौता भारत-रूस के आर्थिक संबंधों को भी मजबूत करेगा. 

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