Advertisement

महाराष्ट्र सरकार का बाढ़ तबाही पर केंद्र को ज्ञापन, एनडीआरएफ से तत्काल सहायता की मांग

सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है ताकि राहत, पुनर्वास और आवश्यक सार्वजनिक ढांचे की बहाली में तेजी लाई जा सके.

Author
04 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
04:14 AM )
महाराष्ट्र सरकार का बाढ़ तबाही पर केंद्र को ज्ञापन, एनडीआरएफ से तत्काल सहायता की मांग

महाराष्ट्र सरकार ने जून से सितंबर 2025 के बीच आई बाढ़ से हुई भारी तबाही को लेकर गृह मंत्रालय को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है. राज्य ने स्पष्ट कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा ने मराठवाड़ा, कोकण, विदर्भ और पश्चिमी महाराष्ट्र में ऐसा विनाश मचाया है, जिसकी भरपाई राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से संभव नहीं है.

केंद्र से एनडीआरएफ फंड की मांग

सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है ताकि राहत, पुनर्वास और आवश्यक सार्वजनिक ढांचे की बहाली में तेजी लाई जा सके.

गृह मंत्रालय को सौंपा विस्तृत ज्ञापन

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "राज्य ने सभी प्रभावित परिवारों, किसानों और सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान का पूरा आकलन कर केंद्र को ज्ञापन भेज दिया है. हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द एनडीआरएफ की सहायता स्वीकृत करेगी, ताकि लोगों के जीवन को पटरी पर लाया जा सके."

सरकार द्वारा भेजे गए ज्ञापन के अनुसार, जून-सितंबर 2025 के बीच महाराष्ट्र में लगातार, अनियमित और बादल फटने जैसे हालात वाली बारिश के दौर ने अचानक आई बाढ़, नदी तटबंध टूटने, लंबे समय तक पानी भराव और जलभराव जैसी स्थितियां पैदा कर दीं.

भारी बारिश और बाढ़ से हुआ नुकसान 

इनसे कृषि, पशुधन, मकान, सड़कें और पुल, बिजली आपूर्ति, पेयजल व स्वच्छता ढांचा, सामुदायिक व सार्वजनिक संस्थान सभी बुरी तरह प्रभावित हुए.

बाढ़ और पानी भराव से जान-माल का भारी नुकसान हुआ, हजारों लोग विस्थापित हुए और कई जिलों में जरूरी सेवाएं हफ्तों ठप रहीं.

केंद्र सरकार के निर्देश पर अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने 3 से 5 नवंबर 2025 के बीच प्रभावित जिलों का दौरा किया. राज्य सरकार ने इस दौरे के दौरान पूरी सुविधा और सहयोग प्रदान किया.

सभी नुकसान का सत्यापित आकलन

मुख्य सचिव की समीक्षा के बाद सभी विभागों ने जिला-स्तरीय आंकड़ों का गहन सत्यापन किया ताकि केंद्र को भेजा गया डेटा पूरी तरह सटीक, पूर्ण और भारत सरकार के मानकों के अनुरूप हो.

ज्ञापन में राहत व पुनर्निर्माण की मांग

प्रमुख सचिव (राहत एवं पुनर्वास) विनीता वैद सिंघल ने अपने पत्र में कहा कि ज्ञापन में सभी विभागों के सत्यापित आंकड़ों के आधार पर राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की आवश्यकताओं को शामिल किया गया है.

राज्य ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि ज्ञापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रक्रिया में लाया जाए. सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाना और सार्वजनिक ढांचे की मरम्मत अत्यंत जरूरी है.

केंद्र से शीघ्र सहायता की उम्मीद

महाराष्ट्र सरकार ने आशा जताई है कि केंद्र स्थापित नियमों के अनुसार जल्द से जल्द एनडीआरएफ सहायता स्वीकृत करेगा ताकि प्रभावित जिलों में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके.

यह भी पढ़ें

सरकार ने आईएमसीटी के मूल्यांकन और सभी विभागों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया. महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि वह बाढ़ से तबाह हुए लोगों के जीवन को फिर से संवारने के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव कदम उठा रही है.

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें