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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना नागरिक वर्ष समारोह को किया संबोधित

रक्षा मंत्री ने कहा कि सेनाओं में साइबर सिक्योरिटी को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। नौसेना के अनेक महत्वपूर्ण ऑर्गनाइजेशन और कमांड हेडक्वार्टर्स, डॉक यार्ड, डिपो, ट्रेनिंग आदि में हमारे सिविलियन ही हैं, जो नेवी के मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर की नींव रखते हैं। हमें समुद्र में अत्याधुनिक जहाज और बोट दिखती हैं, एयरक्राफ्ट कैरियर दिखते हैं, ये सारी चीजें हमें सामने दिख जाती हैं। लेकिन, जो हम नहीं देख पाते, वो है हमारे अनगिनत इंजीनियर्स और वर्कर्स की मेहनत। ये लोग हमेशा पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं, लेकिन यही लोग हैं, जिन्होंने हमारे सशस्त्र बलों को हमेशा ताकत प्रदान की है।

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17 Jan 2025
( Updated: 07 Dec 2025
03:55 PM )
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना नागरिक वर्ष समारोह को किया संबोधित
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि समय के साथ-साथ हमारी सेनाओं की जटिलताएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि दुनिया भर में रक्षा-सुरक्षा का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा हैI लगभग आधा दशक बीत जाने के बाद, हम यह कह सकते हैं कि यह एक प्रकार से परिवर्तनशील दशक रहा है। दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में कई संघर्ष और युद्ध देखने को मिल रहे हैं। 

रक्षा मंत्री ने यहां नौसेना नागरिक वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी महत्वपूर्ण क्षमता को बढ़ाना होगा और आने वाले समय में अपने आक्रामक और रक्षात्मक दोनों ही प्रतिक्रियाओं को मजबूत करने की ओर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इन सबमें योजना का बहुत महत्व है और इस नियोजन प्रक्रिया में एक परामर्शात्मक दृष्टिकोण भी होना चाहिए, जिसमें हम सभी हितधारकों से सलाह-मशविरा करें। मैं समझता हूं कि इस नियोजन प्रक्रिया में हमारी नौसेना नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।”

भारत की आर्थिक समृद्धि इस देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ी हुई है - राजनाथ सिंह


उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग भारत के विशाल क्षेत्रफल के कारण भारत को एक उपमहाद्वीप के रूप में जानते हैं। भारत की आर्थिक समृद्धि इस देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ी हुई है। इसके लिए जरूरी है कि हमारे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा की जाए, नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए और हमारे समुद्री मार्गों को - जो हमारे समुद्री हाईवे हैं- सुरक्षित रखा जाए। हाल के वर्षों में अमेरिकी और अन्य यूरोपीय नौसेना ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपनी उपस्थिति घटाई है जबकि भारतीय नौसेना ने उपस्थिति बढ़ाई है। इसके बावजूद अदन की खाड़ी, लाल सागर और ईस्ट अफ्रीकी देशों से सटे समुद्री इलाकों में खतरे बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है। इसको देखते हुए भारतीय नौसेना अपनी उपस्थिति को और अधिक बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। समुद्री सुरक्षा के लिए अब साइबर सिक्योरिटी भी बड़ा ही महत्वपूर्ण अंग बन चुका है। जिस तेजी से साइबर हमलों में वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए उनकी अनदेखी करना घातक सिद्ध हो सकता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सेनाओं में साइबर सिक्योरिटी को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। नौसेना के अनेक महत्वपूर्ण ऑर्गनाइजेशन और कमांड हेडक्वार्टर्स, डॉक यार्ड, डिपो, ट्रेनिंग आदि में हमारे सिविलियन ही हैं, जो नेवी के मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर की नींव रखते हैं। हमें समुद्र में अत्याधुनिक जहाज और बोट दिखती हैं, एयरक्राफ्ट कैरियर दिखते हैं, ये सारी चीजें हमें सामने दिख जाती हैं। लेकिन, जो हम नहीं देख पाते, वो है हमारे अनगिनत इंजीनियर्स और वर्कर्स की मेहनत। ये लोग हमेशा पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं, लेकिन यही लोग हैं, जिन्होंने हमारे सशस्त्र बलों को हमेशा ताकत प्रदान की है। हमारी सेनाएं आज आगे बढ़ रही हैं, इसमें हमारे सिविलियन साथी, हमारी सेनाओं को योगदान देते हैं। आप चाहे वर्दी में हों या वर्दी के बिना, इसमें कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं है, क्योंकि इस प्रकार के मूल्य सबके अंदर होने जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि, “जब मैं नेवल सिविलियन्स की जिम्मेदारियों की बात कर रहा हूं, तो मैं यहां पर अपनी और सरकार की जिम्मेदारियां, कतई नहीं भूल रहा हूं। हमारी सरकार का हमेशा यह प्रयास रहता है कि हम राष्ट्र की सेवा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के योगदान को पहचान दें। मैं नौसेना के सभी सिविलियन्स को उनकी सेवा, समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देता हूं। आपने न केवल नौसेना को मजबूत बनाया है, बल्कि भारत की भी सुरक्षा और समृद्धि को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”

Input: IANS

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