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दिल्ली में तुर्कमान गेट के उपद्रवियों पर क्रैकडाउन शुरू, ड्रोन-CCTV से पहचान, चुन-चुनकर इलाज, अब तक 15 से ज्यादा गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पुलिस बल पर पत्थरबाजी के आरोपियों पर क्रैकडाउन शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक अब तक 10 आरोपी पकड़े गए हैं. इन पर सहित अन्य अज्ञात लोगों पर दंगा भड़काने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

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07 Jan 2026
( Updated: 07 Jan 2026
09:43 AM )
दिल्ली में तुर्कमान गेट के उपद्रवियों पर क्रैकडाउन शुरू, ड्रोन-CCTV से पहचान, चुन-चुनकर इलाज, अब तक 15 से ज्यादा गिरफ्तार
Delhi Police in Action on Rioters

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव की स्थिति है. इसी बीच, पत्थरबाजी की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. इस मामले में करीब 10 लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. दिल्ली पुलिस चुन-चुनकर उपद्रवियों पर कार्रवाई कर रही है. फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पुलिस पर ना सिर्फ पत्थरबाजी की गई बल्कि हिंसक हमले की भी कोशिश हुई.

दिल्ली बवाल की साजिश के एंगल से जांच शुरू

दिल्ली पुलिस ने अब उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू कर दी है. ड्रोन, सीसीटीवी, वायरल वीडियो को खंगाला जा रहा है. दंगाईयों की पहचान की जा रही है. उनकी शिनाख्ती हो रही है. पुलिस किसी कीमत पर आरोपियों को बख्शने के मूड में नहीं है. वहीं कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस फैज इलाही मस्जिद के पास पथराव की साजिश के एंगल से भी जांच करेगी. पुलिस ने तुर्कमान गेट बवाल की जांच तेज कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखी जा रही है.

CCTV-ड्रोन फुटेज के जरिए शिनाख्ती!

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जहां देर रात एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. अभी सीसीटीवी फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है.

हाई कोर्ट के आदेश पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई!

डीसीपी निधिन वालसन ने मीडिया को बताया कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत हुई थी. उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश दिखाए गए थे, जिसके बाद काफी संख्या में लोग लौट गए. लेकिन कुछ लोग वापस लौटकर आए और उन्होंने पथराव किया.

बुलडोजर एक्शन पर डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने कहा कि डिमोलिशन का लगभग 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. एक छोटा सा स्ट्रक्चर बाकी है. इसे रात में भी गिराया जा सकता है, लेकिन बहुत सारा मलबा जमा हो गया है, जिससे हमारी मशीनें उस जगह तक नहीं पहुंच पा रही थीं. एक बार जब मलबा हटा दिया जाएगा, तो बचा हुआ स्ट्रक्चर भी हटा दिया जाएगा.

बुलडोजर कार्रवाई पर क्या बोले स्थानीय दुकानदार!

वहीं, तुर्कमान गेट पर देर रात हुई बुलडोजर कार्रवाई पर एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, "मैं बहुत दिन से दरगाह फैज इलाही पर नारियल का काम कर रहा हूं. मैं और मेरी पत्नी नारियल पानी बेचते हैं. सरकार जो कर रही है बहुत अच्छा कर रही है. यहां होने वाली प्रत्येक शादी से बीस-पच्चीस रुपए लिए जाते थे. यह पैसा न मस्जिद में जाता था, न मदरसे में और न आश्रम में. तो कहां जाता था? सरकार को पता लगाना चाहिए कि पैसे कहां जा रहे थे."

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में तनाव के बीच नगर निगम (एमसीडी) की बुधवार सुबह तक कार्रवाई जारी रही. सुबह एमसीडी के बुलडोजर रात में तोड़े गए अवैध निर्माण के मलबे को हटाने में लगे रहे. इस बीच, सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसबल की तैनाती रही.

अवैध अतिक्रमण अभियान के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी!

हालांकि, बुधवार तड़के एमसीडी की इस कार्रवाई से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई. जब नगर निगम के लगभग 300 अधिकारी और कर्मचारी तुर्कमान गेट पर मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रहे थे, यहां लोगों ने अवैध निर्माण को हटाने का विरोध किया और कथित तौर पर पत्थरबाजी भी की गई. बाद में आंसू गैस के इस्तेमाल और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया.

क्या था हाई कोर्ट का आदेश?

संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने अपने एक बयान में कहा, "दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली नगर निगम ने 7 जनवरी की सुबह दिल्ली के रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास के कब्जे वाले इलाके में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. अतिक्रमण हटाने के दौरान, कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी करके गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की. स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया गया, जिसमें बल का सीमित और न्यूनतम इस्तेमाल किया गया, यह सुनिश्चित करते हुए कि स्थिति बिगड़े बिना सामान्य स्थिति बहाल हो जाए."

बयान में आगे कहा गया, "अतिक्रमण हटाने के कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक कानून और व्यवस्था के इंतजाम किए थे. पूरे इलाके को सावधानी से नौ जोन में बांटा गया था, जिनमें से हर जोन एडिशनल डिप्टी कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी की देखरेख में था. सभी संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था. अतिक्रमण हटाने के अभियान से पहले, शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से अमन कमेटी के सदस्यों और अन्य स्थानीय हितधारकों के साथ कई समन्वय बैठकें की गईं. सभी संभावित निवारक और विश्वास-निर्माण के उपाय किए गए."

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उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी न्यायिक निर्देशों को कानूनी और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए.

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